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इतालवी राजदूत का देश छोड़ने का कोई इरादा नहीं

Thu, 14 Mar 2013 12:47 AM IST
नई दिल्ली/एजेंसी
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भारतीय मछुआरों की हत्या के आरोपी दो इतालवी नौसैनिक को भारत वापस नहीं भेजने के मामले के तूल पकड़ने के बाद भले ही देश भर में इटली के राजदूत डेनियल मैनसिनी को देश से बाहर करने की मांग उठने लगी हो।
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मगर उन्होंने साफ कर दिया है कि जब तक उन्हें इस देश में अवांछित घोषित नहीं किया जाता, तब तक वह भारत से नहीं जाएंगे।

उन्होंने इस संबंध में कहा कि मैं अगले कई साल तक इस देश में रहने पर खुश रहूंगा। मैनसिनी ने उम्मीद जताई कि बातचीत के जरिए इस विवाद को सुलझा लिया जाएगा।

मौजूदा विवाद को दोनों देशों के लिए ‘मुश्किल समय’ बताते हुए उन्होंने कहा कि उनकी सरकार समस्या का समाधान ढूंढने का भरसक प्रयास कर रही है। मैनसिनी ने कहा कि उनका देश इस पूरे मुद्दे पर भारत के दृष्टिकोण को तवज्जो देगा।

मैनसिनी ने कहा, ‘मुझे पूरा यकीन है कि दो समझदार लोकतांत्रिक देश इस समस्या से उबर जाएंगे। हम भारत सरकार के साथ मिलकर इस मुश्किल समय से निकलने का सर्वश्रेष्ठ विकल्प ढूंढ रहे हैं। हम इससे पीछे नहीं हटेंगे।’
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मैनसिनी ने कहा कि इटली इस मामले को आपसी सहमति से सुलझाना चाहता है और इसलिए उसने कई सारे प्रस्ताव भारत सरकार के समक्ष रखे। इनमें से तो कुछ पिछले कुछ दिनों में भेजे गए। हमारे लिए जरूरी है कि हम अंतरराष्ट्रीय कानून की सर्वोच्चता का फिर से आकलन करें।

उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि उनके देश ने सुप्रीम कोर्ट के साथ विश्वासघात नहीं किया है। इतालवी राजदूत ने कहा, ‘नहीं ऐसा नहीं है। हम भारत सरकार के साथ बात कर रहे हैं। आप भारत सरकार को भेजे गए एफिडेविट को अन्य सलाह, प्रस्ताव और विचारों से अलग कर के नहीं देख सकते। यह प्रक्रिया का ही एक हिस्सा है।’
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