अप्रैल महीने में तत्कालीन मुख्यमंत्री पी चिदंबरम ने नरेद्र मोदी से पूछा था,' दाऊद इब्रहिम को भारत लाने के लिए आपके पास क्या योजना है?' लोकसभा चुनावों का प्रचार अपने शबाब पर था, तब के गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने भी दाऊद की गिरफ्तारी का मुद्दा उछाल दिया था।
उन्होंने बयान दिया था, सरकार अमेरिकन एजेंसी एफबीआई के साथ मिलकर दाऊद इब्राहिम को भारत लाने की योजना पर काम कर रही है। नरेंद्र मोदी के सामने जब ये सवाल आया, उन्होंने जवाब देने के बजाय नाराज होकर कहा था कि ये मामला सार्वजनिक बहस का नहीं है। उन्होंने पूछा था, '' क्या अमेरिका ने ओसामा बिन लादेन को मारने से पहले प्रेस कांफ्रेंस की थी।'
नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री नियुक्त हो चुके हैं। विदेश मंत्रालय में शपथग्रहण समारोह में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को भी निमंत्रण भेजा है। ऐसे में ये सवाल उठने लगा है कि क्या दाऊद इब्राहिम की गिरफ्तारी के लिए भी कोशिश की जाएगी।
मोदी के खौफ से दाऊद बदला चुका है ठिकाना!
हालांकि, खुफिया एजेंसियों से आ रही खबरों की मानें तो मोदी की ताजपोशी का असर डी कंपनी पर दिखने लगा है। डीएनए मे छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक, दाऊद ने अपना ठिकाना बदल दिया है।
दाऊद कराची को छोड़ अफगानिस्तान-पाकिस्तान बॉर्डर पर किसी अज्ञात जगह पर चला गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, डॉन को डर है कि भारत कहीं उसके खिलाफ कमांडो कार्रवाई न कर दे।
नए ठिकाने पर पाक खुफिया एजेंसी आईएसआई और ने भी उसे कड़ी सुरक्षा दे रखी है। रिपोर्ट की मानें तो मोदी के सत्ता में आने से दाऊद भी खौफजदा है।
भारत ने पाक को सौंपी है 20 आतंकियों की सूची
मुंबई हमलों के बाद भारत ने पाकिस्तान को 20 आतंकियों की सूची सौंपी थी। हालांकि, पाकिस्तान हमेशा ही सूची में शामिल अधिकांश आतंकियों का अपने मुल्क में होने से इनकार करता रहा।
पिछली यूपीए सरकार ने दाऊद की गिरफ्तारी के लिए एफबीआई के साथ मिलकर काम करने की बात कही, उन आतंकियों समेत दाऊद की गिरफ्तारी का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया।
हालांकि मुद्दे को उछालने के कारण सुशील कुमार शिंदे को शर्मिंदगी भी उठानी पड़ी। सुशील कुमार शिंदे ने कहा था कि भारत एफबीआई के साथ मिलकर दाऊद को भारत लाने की योजना पर काम कर रहा है।
दाऊद के मुद्दे पर हो चुकी है शिंदे की किरकिरी
शिंदे के बातों का चंद दिनों पहले तक गृहसचिव रहे आरके सिंह ने खंडन कर दिया था। आरके सिंह गृहसचिव पद से सेवा निवृत्त होने के बाद भाजपा में शामिल हो गए थे।
उन्होंने कहा था कि मुझे ऐसी किसी योजना के बारे में पता नहीं है। भारत की सुरक्षा एजेंसियां अब तक ये मानती रही हैं कि दाऊद करांची में छिपा है। हालांकि एक साक्षात्कार में छोटा राजन ने कहा था कि दाऊद खाड़ी देशों में कहीं छुपा है।
ताजा खुफियों रिपोर्टों के बाद ये कहा जा रहा है कि दाऊद अफ-पाक बॉर्डर पर छुपा है। ऐसे में ये सवाल उठने लगा है कि नवाज शरीफ भारत आएंगे तो दाऊद इब्राहिम की गिरफ्तारी में भी मदद करेंगे।