कोलगेट पर सुप्रीम कोर्ट की तल्ख टिप्पणी और रेलवे घूस कांड में रेल मंत्री का नाम आने के बाद सरकार पर दबाव बढ़ गया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार यूपीए सरकार अपनी छवि सुधारने की कवायद में जुट गई है।
इसी कवायद के तहत यूपीए-2 की चौथी सालगिरह से पहले यानी 22 मई को कैबिनेट में फेरबदल हो सकता है।
संकेत
इस फेरबदल में कानून मंत्री अश्वनी कुमार का मंत्रालय बदला जा सकता है तो पवन बंसल को कुर्सी से हाथ धोना पड़ सकता है।
बृहस्पतिवार को कांग्रेस नेता एके एंटनी और अहमद पटेल की पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात ने इस बात के संकेत दिए।
दूसरी ओर कानून मंत्री भी प्रधानमंत्री से मिलने पहुंचे। दोनों के बीच करीब 20 मिनट तक मुलाकात चली।
अश्वनी कुमार से मिलने के बाद प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति से मुलाकात की है। हालांकि अभी यह साफ नहीं हो पाया है कि प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति से मुलाकात क्यों की?
चुप्पी
प्रधानमंत्री के साथ हुई मुलाकात के बारे में जब कानून मंत्री से पूछा गया तो उन्होंने कुछ भी कहने से साफ इंकार कर दिया। कानून मंत्री अश्वनी कुमार ने सफाई देते हुए कहा कि मेरी प्रधानमंत्री से कोई मुलाकात नहीं हुई है।
इससे पहले प्रधानमंत्री ने अटार्नी जनरल गुलाम वाहनवती से भी मुलाकात की। दोनों के बीच घंटे भर से भी ज्यादा देर तक बातचीत हुई। दोनों के बीच क्या बातचीत हुई, इसके बारे में अभी कुछ नहीं कहा गया है।
मालूम हो कि बुधवार को सीबीआई की स्टेटस रिपोर्ट बदलने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कानून मंत्री को फटकार लगाई थी। वहीं, रेल मंत्री पवन कुमार बंसल रेलवे घूसकांड के मामले में भांजे विजय सिंगला का नाम आने के बाद विवादों में हैं।