भाजपा की नई कार्यकारिणी में केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी को शामिल नहीं किए जाने से कयासों का बाजार गर्म है। माना जा रहा है कि मानव संसाधन मंत्री के रूप में आरएसएस के अनुकूल कार्य न करने के कारण स्मृति को बाहर का रास्ता दिखाया गया है।
उल्लेखनीय की भाजपा की नई कार्यकारिणी की घोषणा गुरुवार को हुई थी। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने 111 सदस्यों की नई कार्यकारिणी में मानव संसधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी, अल्पसंख्यक मामलों की मंत्री नजमा हेपतुल्ला, मथुरा से सांसद हेमा मालिनी और प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन, सुधांशु त्रिवेदी और शाइना एनसी को शामिल नहीं किया है।
पिछले लोकसभा चुनावों में उत्तर प्रदेश की अमेठी सीट से कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के खिलाफ चुनाव हार जाने के बाद भी नरेंद्र मोदी मंत्रिमंडल में स्मृति को जैसी अहम जिम्मेदारी दी गई थी, उसके बाद माना जा रहा था कि उन्हें संगठन में भी महत्वपूर्ण भूमिका दी जा सकती है।
अमित शाह ने स्मृति का फोन तक नहीं उठाया
पिछले वर्ष मोदी मंत्रिमंडल में शामिल होने तक स्मृति भाजपा का उपाध्यक्ष थीं। जानकारों का कहना है कि केंद्रीय मंत्री के बतौर काम कर रही स्मृति ईरानी की कार्यशैली से भाजपा और संघ में कई लोग नाखुश थे।
एक टीवी चैनल की रिपोर्ट के मुताबिक, कार्यकरिणी का ढांचा तय किए जाने बाद स्मृति ईरानी ने अमित शाह से संपर्क करने का भी प्रयास किया था, लेकिन शाह ने उन्हें तवज्जो नहीं दी। गुरुवार को उन्होंने शाह को कई बार फोन भी किया, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।
गौरतलब है कि मंत्री बनने के बाद से स्मृति ईरानी कई बार विवादों में भी आ चुकी हैं। हालांकि विवादों के बाद भी उन्हें मंत्रिमंडल में मोदी के सर्वाधिक करीबी मंत्रियों में माना जाता है।
कुछ ऐसा है अमित शाह की नई टीम का ढांचा
उल्लेखनीय है कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने लंबे इंतजार के बाद गुरुवार को राष्ट्रीय कार्यकारिणी का गठन किया। कार्यकारिणी में पार्टी शासित आठ राज्यों के मुख्यमंत्रियों, दो उपमुख्यमंत्रियों, 14 पूर्व मुख्यमंत्रियों और दो पूर्व उपमुख्यमंत्रियों को जगह दी गई है।
मार्गदर्शक मंडल में शामिल तीन शीर्ष नेताओं पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी को भी कार्यकारिणी में जगह दी गई है। अल्पसंख्यक चेहरे के रूप में मुख्तार अब्बास नकवी ही कार्यकारिणी में जगह बनाने में कामयाब रहे हैं।
कार्यकारिणी में हरियाणा और उत्तर प्रदेश को खास तवज्जो दी गई है। कलराज मिश्रा, लालजी टंडन, विनय कटियार, संतोष गंगवार, योगी आदित्यनाथ, मेनका गांधी, वरुण गांधी को कार्यकारिणी में बरकरार रखा गया है, जबकि विवादित बयान देकर चर्चा में आई केंद्रीय मंत्री निरंजन ज्योति को भी नई टीम में जगह दी गई है।
हरियाणा से मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, तीन केंद्रीय मंत्रियों चौधरी बीरेंद्र सिंह, कृष्णपाल गुर्जर, राव इंद्रजीत सिंह, सांसद रतन लाल कटारिया, हरियाणा सरकार के दो मंत्री कैप्टन अभिमन्यु और ओमप्रकाश धनखड़ को कार्र्यकारिणी का सदस्य बनाया गया है।