करीब तीन महीने पहले पाकिस्तान की जेल में कपड़े धोते हुए भारतीय कैदी चमेल सिंह की मौत हो गई थी तब केंद्र सरकार की ओर से पाक में बंद भरतीय कैदियों की सुरक्षा के लिए राजनयिक स्तर पर कोई प्रयास नहीं किए गए।
सरबजीत सिंह की मौत के बाद भारतीय जनता पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने यही सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि भारत ने पाक में बंद कैदियों की सुरक्षा के लिए कोई प्रयास नहीं किया।
उन्होंने पूछा कि चमेल सिंह की मौत के बाद भी भारत सरकार क्यों सजग नहीं हुई।
कपड़े धोते वक्त हुई थी चमेल की हत्या
15 जनवरी 2013 को कोट लखपत जेल के अफसरों ने नल पर कपड़े धोने जैसी मामूली बात पर भारतीय कैदी चमेल सिंह की हत्या कर दी थी। जम्मू-कश्मीर का अखनूर निवासी चमेल सिंह सीमा पारकर पाकिस्तान आने के जुर्म में पांच साल की सजा भुगत रहा था।
निकाल लिए चमेल सिंह के अंग
अमानवीय यातनाओं के बाद मार दिए गए चमेल सिंह के शरीर के साथ भी पाकिस्तान क्रूर बर्ताव करने से बाज नहीं आया। मार्च में पाकिस्तानी जेल से वापस लाए गए चमेल के शव से महत्वपूर्ण अंग निकाल लिए जाने की बात भी कही गई थी।
शव भेजने में की देरी
चमेल सिंह की मौत के बाद पाकिस्तान सरकार ने उसका शव भेजने में भी देर की थी। इस देरी की वजह उसके शरीर पर जुल्म ढाने के सबूतों से छेड़छाड़ करना माना गया।