माइक्रो ब्लागिंग ट्विटर से सोशल मीडिया में अहम स्थान बनाने वाले जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का कहना है कि अभी देश सोशल मीडिया को अपनाने के लिए तैयार नहीं है। उन्होंने शिकायत भरे लहजे में कहा, ‘मीडिया ने उन्हें ट्वीटर पर एक चीफ मिनिस्टर के रूप में पेश किया, इसलिए उन्होंने ट्विटर से अलग होने का फैसला किया।’
मुख्यमंत्री ने नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में सोशल मीडिया को लेकर अपने यह विचार रखे। उनसे पूछा गया था कि क्या सोशल मीडिया में राजनीतिज्ञों को देश स्वीकार करने के लिए तैयार है? उमर अब्दुल्ला के ट्विटर पर एक लाख 85 हजार से ज्यादा प्रशंसक हैं।
वित्त मंत्री पी चिदंबरम के बेटे कीर्ति चिदंबरम के खिलाफ एक व्यापारी द्वारा ट्वीट किए जाने पर गिरफ्तारी के संदर्भ में उमर ने कहा, ‘मैं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार पर विश्वास करता हूं। मेरे विचार से इस अधिकार का यदि कोई दुरुपयोग करता है तो उसे जेल नहीं भेजा जाना चाहिए।’ हालांकि उन्होंने कहा कि कीर्ति चिंदबरम के मामले में किन परिस्थितियों में ऐसा किया गया, उसकी उन्हें जानकारी नहीं है, इसलिए उस पर टिप्पणी नहीं कर सकता।
उमर ने कहा कि ट्विटर द्वारा लोगों के सही नाम और जानकारी न छापने की स्वतंत्रता का कुछ लोग गलत उपयोग कर रहे हैं और घटिया शब्दों का इस्तेमाल करते हैं। यदि वैसे लोगों की सही पहचान दी जाए तो कोई भी इस तरह सोशल मीडिया का दुरुपयोग नहीं करेगा।
उन्होंने कहा कि वे सोशल मीडिया में इस दुरुपयोग को अनदेखा करने के लिए तैयार थे क्योंकि यह माध्यम की प्रकृति है, लेकिन कोई उसे या उसके परिवार को धमकियां देगा तो वे पुलिस या अथॉरिटी को कहेंगे कि उनके खिलाफ जांच कर आवश्यक कार्रवाई करे।