मिसाइल मैन के नाम से मशहूर पूर्व राष्ट्रपति डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम को चीन ने प्रसिद्ध पेकिंग विश्वविद्यालय में पढ़ाने का न्योता भेजा है। यही नहीं, पढ़ाने के लिए उन्हें अपनी पसंद का कोई भी लैब चुनने की भी छूट दी गई है।
प्रतिष्ठित बीजिंग फोरम के आमंत्रण पर चीन गए कलाम को सरकार समर्थित चीनी संगठन ने यह प्रस्ताव दिया। उन्होंने इस प्रस्ताव पर प्रसन्नता व्यक्त की, लेकिन कहा कि सब कुछ उनके शिड्यूल पर निर्भर करेगा। 82 वर्षीय कलाम ने एजेंसी पीटीआई को बताया कि उनसे कहा गया कि जब वह चीन आएं तब पढ़ाने का काम कर सकते हैं।
कलाम ने कहा, 'मैं अध्यापक हूं। मैं अमेरिका में बतौर प्रोफेसर बच्चों को पढ़ा रहा हूं। वास्तव में मुझे युवाओं से मिलना अच्छा लगता है। मैं उनके ज्ञान को और बढ़ाने में सहयोग देना चाहता हूं।' पूर्व राष्ट्रपति को पढ़ाने का यह प्रस्ताव पेकिंग यूनिवर्सिटी के अध्यक्ष झू शनलू ने बृहस्पतिवार रात मुलाकात के दौरान दिया।
उन्हें एक साल तक पढ़ाने की पेशकश की गई है। वह अपनी पसंद का कोई भी विषय पढ़ा सकते हैं। और जब तक चाहें वह यहां ठहर सकते हैं। कलाम के सहायक ने बताया कि विषय विज्ञान, तकनीक और मानव विज्ञान से संबंधित हो सकता है।