जनता दल यू ने सोमवार को भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी से हुई नीतीश कुमार की मुलाकात का बचाव 'संस्कार' बताकर किया, लेकिन बिहार भाजपा को उन पर हमला बोलने का मौका मिल गया।
बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने मंगलवार को सवाल किया कि अगर नीतीश संस्कार की वजह से आडवाणी से मिले थे, तो भाजपा की ओर से पीएम पद के दावेदार के साथ वह ऐसा क्यों नहीं करते।
सुशील कुमार मोदी ने ट्विटर पर कहा, "नीतीश कुमार पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ से हाथ मिला सकते हैं, लेकिन नमो को उनके जन्मदिन या तीसरी जीत पर बधाई नहीं दे सकते।"
उन्होंने सवाल किया, "क्या भारतीय राजनीति के लिए इस तरह छूआछूत अच्छा है? यह किस तरह की समग्र राजनीति है? कैसी मानसिकता है?"
बिहार भाजपा के वरिष्ठ नेता ने कहा कि नीतीश कुमार उस वक्त काफी खफा थे, जब अखबार में ऐसी तस्वीर छपी थी, जिसमें मोदी और नीतीश हाथ पकड़े दिख रहे थे। उस वक्त नीतीश नाराज क्यों थे?
दिल्ली में हुई राष्ट्रीय एकता परिषद की बैठक में नीतीश कुमार के सामने जब आडवाणी आए, तो उन्होंने काफी गर्मजोशी से उनसे मुलाकात की।
हालांकि, सुशील कुमार मोदी ने आडवाणी और नीतीश की इस मुलाकात को ज्यादा तरजीह नहीं दी और इसे सियासत का बुनियादी शिष्टाचार करार दिया।
कुमार की पार्टी ने यह कहते हुए नीतीश का बचाव किया था इस मुलाकात के पीछे नीतीश के संस्कार हैं और इसका कोई राजनीतिक अर्थ नहीं निकाला जाना चाहिए।