यूपी के प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डा. लक्ष्मीकांत वाजपेयी का अगस्त में कार्यकाल पूरा हो रहा है। पार्टी को नए अध्यक्ष की तलाश है। अध्यक्ष पद के लिए वैसे तो कई नेता दावा ठोक रहे हैं मगर पार्टी के रणनीतिकार चाहते हैं कि अबकी संगठन की बागडोर पिछड़े या अनुसूचित जाति वर्ग के नेता को सौंपी जाय ताकि 2017 में होने वाले प्रदेश विधानसभा चुनाव में सामाजिक समीकरण साधने मे सहूलियत हो।
भाजपा एक तीर से दो निशाना साधना चाहती है। संगठन की कमान गैर ब्राह्मण को सौंपकर सीएम कैंडिडेट के चयन को आसान बनाना चाहती है। यानी तय है कि भगवा ब्रिगेड 2017 के चुनाव में किसी ब्राह्मण चेहरे को ही भावी सीएम के रूप में प्रोजेक्ट करेगी।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक नए प्रदेश अध्यक्ष की होड़ में स्वतंत्र देव सिंह का नाम सबसे ऊपर चल रहा है। संगठन में उनकी पकड़ अच्छी है। वे अनुसूचित जाति से आते हैं। अपनी जाति में भी उनकी अच्छी साख है। संगठन में लंबे समय तक काम करने का अनुभव भी उनकी दावेदारी को मजबूत करता है।