पोंटी चड्ढा और हरदीप हत्याकांड की तफ्तीश में रोज नई-नई तस्वीर सामने आ रही है। अबतक की जांच में ‘साजिश’ भी एक प्वाइंट है जिसकी तह तक पहुंचने की कोशिश में पुलिस और खुफिया तंत्र लगा हुआ है। उन सभी पर नजरे हैं, जिन्हें प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से पोंटी की मौत से फायदा पहुंच सकता है। कई कारोबारियों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है तो उनके पारिवारिक ग्राफ भी तैयार किए गए हैं।
फार्म हाउस नंबर-42 में गोलियों की तड़तड़ाहट को अबतक रेखांकित नहीं किया जा सका है। घटना के तत्काल बाद पोंटी की हत्या हरदीप के करने और हरदीप की हत्या नामधारी के गार्ड सचिन के हाथों होने का खुलासा कर दिया गया था लेकिन घटनास्थल के सवालों ने जांच कर रहे अधिकारियों को मथा।
इसी कड़ी में दोबारा पोस्टमार्टम कराने की जरूरत भी पड़ गई थी। सुखदेव सिंह नामधारी की उपस्थिति, अन्य किसी की मौत न होना और पचास हजार करोड़ के साम्राज्य के शहंशाह की आसान मौत ने शक की गुंजाइश छोड़ दी, जिस पर फिलहाल काम चल रहा है।
पुलिस हत्याकांड को अब सिर्फ प्रापर्टी को वजह नहीं मान रही बल्कि यह भी तहकीकात कर रही है कि घटना के पीछे कोई और वजह तो नहीं। तमाम कारोबारियों को पोंटी की मौत से फायदा पहुंचता, कहीं इस साजिश में उनका हाथ तो नहीं या परिवार के ही किसी व्यक्ति को, जिसे पोंटी के होने से अड़चन थी या फिर कुछ और। इन सभी पहलुओं पर खुफिया विभाग की निगाहे है। तार से तार जोड़ने की कोशिशें जारी हैं।