सहनशीलता को लेकर वित्तमंत्री अरुण जेटली ने कहा कि लेखकों-कवियों और अन्य लोगों द्वारा सम्मान लौटाए जाने की कोई तुक नहीं है, क्योंकि देश में पूरी तरह शांति बनी हुई है, और असहनशीलता कहीं नहीं दिखती।
कांग्रेस और अन्य दलों पर निशाना साधते हुए जेटली ने कहा कि उन्हें राजनीतिक तरीके से लड़ाई लड़नी चाहिए। वित्तमंत्री ने सवाल करते हुए कहा, "कहां है असहनशीलता...? देश में पूरी तरह शांति बनी हुई है, और हमारा देश न कभी असहनशील था, और न कभी होगा..."
उन्होंने कहा कि कांग्रेस और अन्य दलों के राज्यों में ये घटनाएं घट रही हैं, उसके लिए केंद्र सरकार को दोषी क्यों ठहराया जा रहा है। अगर मानिए कर्नाटक जहां कांग्रेस की सरकार है कोई घटना होती है तो आप केंद्र सरकार को दोषी नहीं ठहरा सकते।
वहीं जब संवाददाताओं ने उनसे पूछा कि शाहरुख खान भी कह रहे हैं कि असहनशीलता नहीं होनी चाहिए तब जेटली ने कहा, अगर कोई व्यक्ति कह रहा है कि असहनशीलता नहीं होनी चाहिए तो इसमें गलत क्या है।