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शाहरुख को बीजेपी का जवाब, असहिष्णुता होती तो वे स्टार न होते

Tue, 03 Nov 2015 05:02 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
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सहनशीलता को लेकर वित्तमंत्री अरुण जेटली ने कहा कि लेखकों-कवियों और अन्य लोगों द्वारा सम्मान लौटाए जाने की कोई तुक नहीं है, क्योंकि देश में पूरी तरह शांति बनी हुई है, और असहनशीलता कहीं नहीं दिखती।
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कांग्रेस और अन्य दलों पर निशाना साधते हुए जेटली ने कहा कि उन्हें राजनीतिक तरीके से लड़ाई लड़नी चाहिए। वित्तमंत्री ने सवाल करते हुए कहा, "कहां है असहनशीलता...? देश में पूरी तरह शांति बनी हुई है, और हमारा देश न कभी असहनशील था, और न कभी होगा..."

उन्होंने कहा कि कांग्रेस और अन्य दलों के राज्यों में ये घटनाएं घट रही हैं, उसके लिए केंद्र सरकार को दोषी क्यों ठहराया जा रहा है। अगर मानिए कर्नाटक जहां कांग्रेस की सरकार है कोई घटना होती है तो आप केंद्र सरकार को दोषी नहीं ठहरा सकते।
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वहीं जब संवाददाताओं ने उनसे पूछा कि शाहरुख खान भी कह रहे हैं कि असहनशीलता नहीं होनी चाहिए तब जेटली ने कहा, अगर कोई व्यक्ति कह रहा है कि असहनशीलता नहीं होनी चाहिए तो इसमें गलत क्या है।
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असहिष्‍णुता होती तो शाहरुख स्टार न होते

शाहरुख के बयान पर कड़ा एतराज जताते हुए बीजेपी के महासचिव मुरलीधर राव ने कहा कि अगर देश में असहिष्‍णुता होती तो शाहरुख स्टार न होते और लाखों फैन्स ने उन्हें किंग खान न बना दिया होता।

गौरतलब है कि देश में असहनशीतला को लेकर कांग्रेस और बीजेपी में ठन गयी है। इस पर आग में घी डालने का काम देश के सम्‍मानित लोगों के सम्‍मान लौटाने ने कर दिया है। इसी मुद्दे पर सोनिया ने कल प्रणब से मुलाकात की थी और आज कांग्रेस नेताओं ने सोनिया के नेतृत्व में मार्च निकाल रहे हैं।

इस पर भाजपा ने बढ़ती असहिष्णुता के खिलाफ विरोध दर्ज कराने के लिए राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से मुलाकात करने के कांग्रेस के निर्णय को आज दशक का मजाक करार दिया और कहा कि जारी विरोध राजनीतिक रूप से प्रेरित है और इसका उद्देश्य नरेंद्र मोदी सरकार को बदनाम करना है।
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