पिछले सप्ताह मैकडोनॉल्ड के पुणे स्थित रेस्टोरेंट से एक गरीब बच्चे को भगाए जाने के मामले ने राजनीतिक रंग ले लिया है। भाजपा की सहयोगी पार्टी शिवसेना ने मैकडोनाल्ड विवाद को लेकर महाराष्ट्र सरकार को कठघरे में खड़ा किया है।
डीएनए की रिपोर्ट के अनुसार, शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना में लिखा है है 'गरीबों के अच्छे दिन कब आएंगे?' शिवसेना ने लिखा है कि एक रेस्टोरेंट में गरीब बच्चे के भगाए जाने से देश में मौजूद गरीब और अमीर के बीच की खाई सामने आई है।
सामना के संपादकीय में लिखे लेख के जरिए शिवसेना ने कहा है कि इस प्रकार की घटनाओं पर चर्चा जारी रहेगी लेकिन इन चर्चाओं मात्र से ही गरीबी दूर करना संभव नहीं है।
इस लेख में आगे लिखा है कि उनकी पार्टी सडकों पर घूम रहे, फ्लाईओवर के नीचे खड़े, लाल बत्ती पर खड़े ऐसे बच्चों की तलाश करेगी। लेकिन इन बच्चों का क्या होगा? इसके अलावा भी इस लेख के जरिए कई बातें लिखी गई हैं।