फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

संसद पर हमले की साजिश में पूरी तरह सक्रिय था गुरू

Sat, 09 Feb 2013 08:15 PM IST
नई दिल्ली/एजेंसी
विज्ञापन
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट ने चार अगस्त, 2005 के अपने फैसले में कहा था कि संसद पर हमले के दौरान मारे गए फिदायीन आतंकवादियों से अफजल गुरू का हमले के ठीक पहले तक संपर्क बना हुआ था। परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को जोड़कर देखने से यह साबित होता है कि वह साजिश में शामिल था और उसने पूरी सक्रियता दिखाई थी।
विज्ञापन


सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि 13 अगस्त, 2001 को संसद पर हमले में मारे गए एक आतंकवादी मोहम्मद ने सुबह 10.43, 11.00 और 11.25 बजे फोन किया था। इन काल्स का टेप सुनने से पता चलता है कि मोहम्मद ने अफजल को बताया था कि वह अपने साथियों के साथ योजना को अंजाम देने जा रहा है।

जस्टिस पीवी रेड्डी व पीपी नाओलकर की बेंच ने कहा था कि इन आतंकवादियों को छिपने के लिए उत्तरी दिल्ली के गांधी विहार व इंदिरा विहार में जगह दिलाने में भी अफजल गुरू सहायक रहा है और विस्फोटकों को तैयार करने में इस्तेमाल किए गए रसायनों समेत अन्य सामान उपलब्ध कराने में मुख्य भूमिका निभाई थी।
विज्ञापन


संसद परिसर में सुरक्षाबलों की गोलियों से मारे गए पांचों आतंकवादियों मोहम्मद, हैदर, हमजा, राना और राजा की पहचान भी गुरू ने ही की थी। कोर्ट ने यह भी उल्लेख किया है कि अफजल गुरू इन आतंकवादियों के अलावा तीन अन्य आरोपियों दिल्ली विश्वविद्यालय के एक कालेज के शिक्षक एसएआर गिलानी, अपने चचेरे भाई शौकत हुसैन गुरू और अफ्सां गुरू उर्फ नवजोत संधू के संपर्क में था।
विज्ञापन


उसको मौत की सजा सुनाने से पहले सुप्रीम कोर्ट ने उसके पास से बरामद मोबाइल फोन व आतंकवादियों की मदद से पहुंचे हवाला लेन-देन के साक्ष्यों की भी परख की।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें