कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की छुट्टी के बाद उनको पार्टी अध्यक्ष बनाने की दिशा में माहौल बनाने की शुरुआत हो गई है।
पार्टी का एक प्रभावी धड़ा इसकी पैरवी करने लगा है कि उनकी कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर ताजपोशी हो जाए। इसके लिए पूरी भूमिका तैयार की जा रही है। ताजपोशी की बात को बल देने के लिए बाकायदा पार्टी अधिवेशन की बात भी कही जाने लगी है।
राहुल के कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर ताजपोशी के समर्थन में कई नेता खुलकर भी आ गए हैं।
कांग्रेस में अंदरूनी उठापटक
वरिष्ठ कांग्रेस नेता ऑस्कर फर्नांडिस ने कहा कि राहुल कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए सक्षम हैं। हमें पूरा विश्वास है कि वह पूरी जिम्मेदारी के साथ पार्टी का काम करेंगे और उनके नेतृत्व में पार्टी को सफलता मिलेगी। कांग्रेस नेता अंबिका सोनी ने भी कहा कि राहुल किसी भी तरह की जिम्मेदारी संभालने के लिए तैयार हैं। वह पार्टी कार्यकर्त्ताओं के रोल मॉडल हैं। पार्टी अधिवेशन मार्च या अप्रैल में होने की बात कही जा रही है। राहुल मार्च के पहले हफ्ते में वापस लौटेंगे।
पार्टी के कई वरिष्ठ नेता कह रहे है कि उनके आने से ठीक पहले और बाद में उनको अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी देने के सुर और तेज हो सकते है। संभावना तो यहां तक है कि पार्टी के कई पदाधिकारी उन्हें लाने के लिए पदों से इस्तीफा भी दे सकते हैं। साथ ही सोनिया गांधी के वफादार भी राहुल के पक्ष में पाला बदल सकते हैं।
राहुल के छुट्टी पर जाने के बाद उनके विरोधी नेता भी नरम पड़ रहे हैं। ये नेता अब मोदी सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों में बढ़ चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं और संसद में सरकार को घेरने के लिए लंबे चौड़े भाषण भी दे रहे हैं। राहुल के समर्थक इसे रंग बदलना कह रहे हैं। राहुल लॉबी का कहना है कि अपनी कुर्सी बचाने के लिए ये नेता अब मोदी सरकार के खिलाफ अभियान में बढ़ चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं।
सोनिया-राहुल के बीच कंफ्यूजन से डूब रही कांग्रेस: कमलनाथ
कांग्रेस के अंदर और बाहर राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी के छुट्टी पर जाने को लेकर उठा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा। कांग्रेस के दो वरिष्ठ नेताओं ने स्वीकार किया है कि राहुल-सोनिया के बीच मतभेद हैं।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ ने तो यहां तक कह डाला कि राहुल और सोनिया के बीच का कंफ्यूजन की वजह से कांग्रेस डूब रही है। उन्होंने हेडलाइन्स टुडे को दिए इंटरव्यू में खुलासा किया, 'मैं जब भी सोनिया के पास किसी समस्या को लेकर जाता हूं तो वह कहती हैं कि राहुल से मिलो। जब राहुल को पास जाता हूं तो वह कहते हैं कि कांग्रेस अध्यक्ष इस समस्या का समाधान करेंगी।'
कमलनाथ ने कहा कि राहुल गांधी को अब कांग्रेस को संभालने की पूरी जिम्मेदारी दे देनी चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि फुल पावर नहीं होने की वजह से राहुल काम नहीं कर पा रहे हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष बनने की राहुल की योग्यता पर कमलनाथ ने कहा कि जब तक किसी को पूरी जिम्मेदारी न दे दी जाय, इस बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता। एक बार राहुल यह काम संभाल लें तो उनको खुद ब खुद पता चल जाएगा कि वह इस चुनौती के लायक हैं या नहीं।
राहुल गांधी के छुट्टी पर जाने के बाद सियासी हलकों में यह कहा जा रहा है कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मतभेदों की वजह से वह संसद सत्र छोड़ गायब हुए हैं। बजट सत्र के बीच छुट्टी पर चले जाने को लेकर कांग्रेस विपक्षी दलों के हमले भी झेल रही है।
राहुल-सोनिया के बीच मतभेद को दिग्विजय ने स्वीकारा
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने भी राहुल-सोनिया के बीच मतभेद की बात को दबी जुबान से स्वीकार तो किया लेकिन सियासत से राहुल के भागने के कयासों का खंडन किया।
दिग्विजय ने भी राहुल का पक्ष लेते हुए कहा कि कुछ स्वार्थी नेताओं के विरोध की वजह से कांग्रेस उपाध्यक्ष पार्टी के अंदर अपने विचारों पर काम नहीं कर पा रहे हैं। उन नेताओं को लगता है कि राहुल के विचारों पर अमल से उनकी ताकत घट जाएगी।
हेडलाइन्स टुडे से बातचीत में दिग्विजय ने राहुल-सोनिया के बीच मतभेद को स्वीकारते हुए कहा कि दोनों अलग-अलग पीढ़ी के लोग हैं। पीढ़ियों के माइंड सेट भिन्न होने से दोनों के बीच मतभेद होने स्वाभाविक हैं।