हुर्रियत कांफ्रेस के वरिष्ठ नेता सैयद अली शाह गिलानी ने बीबीसी से बातचीत में कहा है कि जम्मू-कश्मीर एक स्वायत्त क्षेत्र है और यह भारत का हिस्सा नहीं जब तक कि यहां के लोग यह फ़ैसला नहीं कर लेते हैं।
अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी ने पाकिस्तान के उच्चायुक्त अब्दुल बासित से मुलाकात की है जिसपर एक बार फिर विवाद छिड़ गया है। पिछले साल इस तरह की ही एक मुलाकात के कारण भारत ने विदेश सचिव स्तर की बातचीत रद्द कर दी थी।
नहीं बदलता सिस्टम
सैयद अली शाह गिलानी कहते हैं कि जम्मू-कश्मीर के बारे में लोगों को पता होना चाहिए कि कश्मीर में साढ़े सात -आठ लाख के करीब फ़ौज हैं और एक लाख पुलिसकर्मी हैं और कश्मीर में वास्तव में इन्हीं लोगों का नियंत्रण है।