फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जब भारतीय नौसेना के हमले से टूट गई पाक सेना की कमर

Tue, 04 Dec 2012 09:19 AM IST
नई दिल्ली/राम शंकर
विज्ञापन
विज्ञापन
4 दिसंबर को भारत में नौसेना दिवस के तौर पर मनाया जाता है। 1971 भारत-पाकिस्तान युद्ध में नौसेना ने अहम भूमिका निभाई थी और इसी तारीख को भारतीय फौजों ने कराची बंदरगाह पर जबर्दस्त हमला किया था। इस आक्रमण को 'ऑपरेशन त्रिडेंट' दिया गया। नौसेना की अदम्य वीरता और साहस ने इस दिन को भारतीय इतिहास में सदा के लिए अमर कर दिया।
विज्ञापन


पल भर में तबाह हो गया कराची बंदरगाह
1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में जनरल मानेकशॉ के नेतृत्व में जहां थलेसना ने पाकिस्तानी फौजों के छक्के छुड़ा दिए, वहीं भारतीय नौसेना ने कराची बंदरगाह पर हमला कर पाकिस्तानी सेना की कमर तोड़ दी। 4 दिसंबर को भारतीय नौसेना के दस्ते ने कराची बंदरगाह पर आक्रमण किया और पाकिस्तानी नौसेना के कई युद्धपोत डुबो दिए।

टूट गई थी पाकिस्तानी नौसेना की कमर
भारतीय नौसेना के जाबांजों ने अपनी जान की परवाह किए बगैर कराची बंदरगाह के बिलकुल पास जाकर प्रक्षेपास्त्रों से कराची बंदरगाह पर हमला किया था। इस आक्रमण के बाद भारतीय नौसेना का पश्चिमी मोर्चे पर वर्चस्व हो गया। तब तक आहत पाकिस्तानी नौसेना की कमर टूट चुकी थी। पहली बार किसी नौसेना ने दुश्मन की नौसेना को एक सप्ताह के अंदर पूरी तरह से नेस्तनाबूद कर दिया था।
विज्ञापन


साहस गाथा है नौसेना का इतिहास
मौजूदा समय में भारतीय नौसेना के चीफ एडमिरल डीके जोशी हैं। भारत के राष्ट्रपति तीनों सेना के प्रमुख होते हैं। वैसे भारतीय नौसेना का इतिहास काफी पुराना है। इसकी औपचारिक शुरुआत 5 सितंबर 1612 को हुई थी। इस दिन ईस्ट इंडिया कंपनी के लड़ाकू जहाजों का पहला बेड़ा सूरत बंदरगाह पर पहुंचा था। इस बेड़ा को 'द ऑनरेबल ईस्ट इंडिया कंपनीज मॅरीन' नाम दिया गया। बाद में यह 'द बॉम्बे मॅरीन' कहलाया।

कुछ यूं बदली नौसेना की तस्वीर
पहले विश्व युद्ध के दौरान इसका नाम बदल कर 'रॉयल इंडियन मॅरीन' कर दिया गया। द्वितीय विश्व युद्ध आते-आते रॉयल इंडियन नेवी में लड़ाकू जहाजों की तादाद बढ़ाकर आठ कर दिया गया। युद्ध खत्म होने तक पोतों की संख्या बढ़कर 100 हो गई थी।

आरडी कटारी बने पहले नौसेनाध्यक्ष
26 जनवरी 1950 को जब भारत गणतंत्र बना तो उसने इसी दिन भारतीय नौसेना ने अपने नाम के सामने से 'रॉयल' शब्द हटा दिया। भारत के पहले भारतीय नौसेनाध्यक्ष वाइस एडमिरल आरडी कटारी थे, जिन्होंने 22 अप्रैल 1958 को कार्यभार संभाला।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें