आखिरी जंप के दौरान पैरा ट्रूपर धोनी के साथ फोटो खिंचवाने में मस्त हो गए। धोनी ने भी अपने बेसिक कोर्स मैट और सीनियर अफसरों को निराश नहीं किया। जंप के बाद सभी जवान उनके पास पहुंच गए। काफी देर तक फोटो सेशन का दौर चला। कोई सेल्फी लेने में लगा, तो कोई ग्रुप फोटो। इस एतिहासिक पल को हर जवान अपने कैमरे में कैद कर यादों को हमेशा के लिए संजोय रखना चाहता था।
एडीएआरडीई में देखी पैराशूट की तकनीक
धोनी शुक्रवार सुबह जंप लगाने के बाद एडीआरडीई पहुंचे। यहां पर उन्होंने वैज्ञानिकों से मुलाकात के बाद पैराशूट डिजाइन एवं निर्माण खासकर पर्सनल पैराशूट, नवीनतम टेंडम एवं पीटीए-जी-2 के बारे में जानकारी हासिल की।
सीनियर वैज्ञानिक एके सक्सेना और एडीआरडीई निदेशक डा. एससी सती ने धोनी का स्वागत किया। विकसित पैराशूट, हैवी ड्रोप सिस्टम, एयरोस्टेट, अरेस्टर बैरियर आदि के बारे में बताया। इसके बाद शाम को धोनी ग्वालियर रोड स्थित 509 वर्कशॉप में पहुंचे। यहां पर उन्होंने रडार आदि के बारे में जानकारी हासिल की।