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बीमारियों का सबब बन रहा वाट्सएप, सामने आई ‘वाट्सएपाइटिस’ नाम की नई बीमारी

Fri, 31 Jul 2015 09:28 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, बरेली
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सोशल मीडिया भले ही आज के समय की जरूरत है, लेकिन इसमें लगातार व्यस्तता बीमारियां पैदा कर रहा है। दिन-रात चैटिंग कर उंगलियां चलाने वाले युवाओं को इसका खामियाजा ज्यादा उठाना पड़ रहा है।
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इंग्लैंड से प्रकाशित विश्व के सर्वाधिक प्रतिष्ठित मेडिकल जर्नल ‘द लैंसेट’ में मार्च 2014 में प्रकाशित शोध रिपोर्ट से डॉक्टराें और वाट्सएप का इस्तेमाल करने वालों की चिंता बढ़ा दी है।

हाल ही में वेबसाइट पर आई इस रिपोर्ट के मुताबिक वाट्सएप से होने वाली बीमारी को ‘वाट्सएपाइटिस’ का नाम भी दे दिया गया है। आइनेस एम फर्नांडिज गुरेरो की रिपोर्ट के अनुसार 34 साल की एक गर्भवती महिला को कलाई में अचानक दर्द होने लगा।
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लगातार छः घंटे तक भेजे मैसेज

उंगलियों की नसों में सूजन भी आ गई थी। पूछताछ से पता चला कि 24 दिसंबर को क्रिसमस की पूर्व संध्या पर इस महिला ने 130 ग्राम वजन के स्मार्टफोन से वाट्सएप का प्रयोग किया और लगातार छह घंटे तक मैसेज भेजे।

मैसेज भेजने के लिए महिला ने अंगूठों का भी इस्तेमाल किया। जांच-पड़ताल के बाद डॉक्टरों ने महिला की बीमारी को ‘वाट्सएपाइटिस’ नाम दे दिया।

उसे नॉन स्टेरायड दवाएं देने के साथ ही फोन से दूरी बनाने को कहा गया। यहां तक कि न्यू इयर के मैसेज भी नहीं करने दिए गए।

ये टिप्स अपनाएं

अगर आपको वाट्सएप द्वारा जनित इस रोग से बचना हैं तो नीचे दिए गए इन टिप्स को अपनाएं ताकि आप इस रोग से बच सकें। सबसे पहले तो आपको लगातार कई घंटे तक मोबाइल का प्रयोग नही करना होगा।

अगर आप लगातार मैसेज टाइप करें तो कुछ समय का ब्रेक जरूर लें। मोबाइल हमेशा हाथ में लेकर खिटर पिटर करने की आदत से बाज आएं और काम आने वाली जानकारियां ही मोबाइल पर पढ़ें।

अमूमन हम कोई काम करने के बाद अपनी उंगलियों को मरोड़ते हैं लेकिन मोबाइल के प्रयोग के बाद उंगलियां चटकाएं नहीं।जब भी आप मोबाइल का इस्तेमाल कर चकें उसके बाद हाथों की एक्सरसाइज करें।
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गर्दन और कमर सीधी रख कर करें मोबाइल का प्रयोग

इस मामले में गंगाचरण अस्पताल, बरेली के हड्डी रोग विशेषज्ञ, डॉ. प्रमेंद्र माहेश्वरी, का कहना है कि जब आप गर्दन झुकाकर मोबाइल या टेबलेट को देखते हैं तो आप अपनी गर्दन पर 60 पाउंड का भार डालते हैं।

इससे गर्दन के पीछे की हड्डी यानी स्पाइन जा सकती है। इसलिए गर्दन और कमर को सीधे रखकर ही मोबाइल का प्रयोग करें।
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