मुंबई सीरियल ब्लास्ट के गुनहगार याकूब मेनन को फांसी दिल्ली से सैकड़ों किलोमीटर दूर नागपुर में दी गई। उसका असर लाहौर बस सेवा पर पड़ा है।
लाहौर से दिल्ली आने वाली भारतीय बस ‘सदा-ए-सरहद’ में महज चार यात्री ही दिल्ली पहुंचे। 16 वर्षों में यह पहला मौका है, जब सबसे कम यात्रियों ने इंटरनेशनल बस सेवा में सफर किया।
करीब साढ़े चार घंटे पहले ही बस ने अपना सफर भी पूरा कर लिया। सूत्रों के मुताबिक, बृहस्पतिवार सुबह वाघा बॉर्डर से 10 बजे दिल्ली ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन की ‘सदा-ए-सरहद’ बस दिल्ली के लिए रवाना हुई।