पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर शनिवार को जमकर निशाना साधा। उन्होंने प्रधानमंत्री के उस बयान की तीखी आलोचना की, जिसमें उन्होंने रिटेल में एफडीआई का विरोध करने वालों को पुराने विचार वाला बताया था। ममता ने कहा कि हम उसी जनता के साथ हैं, जो प्रधानमंत्री के मुताबिक पुराने विचार वाली है।
ममता ने कहा कि वह जमीन से जुड़ी नेता हैं। गरीब परिवार से आती हैं। इसलिए उन्हें जनता के साथ खड़े होने का गर्व है। बनर्जी ने भारतीय उद्योग एवं वाणिज्य महासंघ (फिक्की) की 85वीं वार्षिक आम बैठक में बोल रही थीं। इसी कार्यक्रम में पहले बोलते हुए प्रधानमंत्री ने यह टिप्पणी की थी। ममता की तृणमूल कांग्रेस रिटेल में एफडीआई के विरोध में यूपीए सरकार से बाहर हो गई थी।
केंद्र सरकार की कड़ी आलोचना करते हुए ममता ने यह भी कहा कि उनके प्रदेश पर देश में सबसे अधिक ऋण है और वह केंद्र से भीख नहीं अपना हक मांग रही हैं। उनके राज्य की आय 21 हजार करोड़ रुपये और व्यय 26 हजार करोड़ रुपये है। मूलभूत सेवाओं के लिए उनके पास धनराशि नहीं है। इसके लिए रिजर्व बैंक से कर्ज लेना पड़ता है।
कांग्रेस शासित राज्यों की तुलना में पश्चिम बंगाल के साथ भेदभाव के सवाल पर कहा कि दूसरे राज्यों को उनका हक दिया गया है। उसी तरह से उनके प्रदेश को भी उसका हक दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि राजनीति में दोहरे चरित्र वाले लोगों की संख्या अधिक है। बोलते कुछ हैं और करते कुछ हैं।