गुजरात में चुनाव प्रचार के आखिरी दिन शनिवार को मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने पाकिस्तान के गृह मंत्री रहमान मलिक के विवादित बयान के मामले में केंद्र सरकार को जमकर कोसा।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार इतनी कमजोरी है कि उसमें कि उसमें मलिक के बयान का जवाब देने का दम नहीं है। मोदी ने शनिवार को अपनी चुनाव रैलियों में मलिक का मामला उठाया और उनके बयान को भारत के आंतरिक मामलों में दखलंदाजी करार दिया। गौरतलब है कि शुक्रवार को दिल्ली पहुंचे मलिक ने मुंबई के आतंकी हमले की तुलना अयोध्या में विवादित ढांचा गिराए जाने से की थी।
चुनाव प्रचार के अंतिम दिन भी मोदी ने सरक्रीक का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार गुजरात की सरहदी सीमा सरक्रीक पाक को देने का फैसला कर चुकी है, लेकिन गुजरात की जनता केंद्र के इस मंसूबे को कभी कामयाब नहीं होने देगी। मोदी ने कहा कि यह सिर्फ जमीन नहीं, बल्कि हमारे शरीर का हिस्सा है।
उन्होंने कहा कि इस मामले में पत्र लिखने के बावजूद प्रधानमंत्री की ओर से अब तक कोई जवाब नहीं मिला है। इस मुद्दे पर केंद्र सरकार देश को गुमराह कर रही है। वह सच नहीं बता रही है कि केंद्र सरकार और पाक सरकार के बीच क्या बात चल रही है।
उन्हें असम की हिंसा नजर नहीं आती
मोदी ने शनिवार को कहा कि कांग्रेस गुजरात में हिंसा के आरोप लगाती है, लेकिन उन्हें असम की हिंसा नजर नहीं आती। असम में कांग्रेस की सरकार है। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी वहीं से राज्यसभा के सदस्य हैं, लेकिन राज्य में आए दिन हिंसा होती रहती है। उन्होंने कहा कि पीएम को पूरे देश को यह बताना चाहिए कि आखिर असम में इतनी हिंसा क्यों होती है।
सोनिया गांधी मुझे देशभक्ति न सिखाएं
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी द्वारा उनकी देशभक्ति पर सवाल उठाए जाने से नाराज मोदी ने शनिवार को कहा कि मैं इसी मिट्टी का सुपुत्र हूं। मैं यहीं जन्मा हूं और यहीं बड़ा हुआ हूं। मुझे सोनिया गांधी से देशभक्ति के प्रमाण पत्र की जरूरत नहीं है। इसलिए बेहतर यही होगा कि कांग्रेस अध्यक्ष मुझे देशभक्ति न सिखाएं।