पूर्व मुख्यमंत्री व जदयू नेता नीतीश कुमार ने माना कि लोकसभा चुनाव में उनसे रणनीतिक चूक हुई। प्रथम चरण की संपर्क यात्रा के अंतिम दिन पटना जिले के पुनपुन में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करते हुए नीतीश ने कहा कि अगर कार्यकर्ताओं ने उन्हें गलत फीडबैक नहीं दिया होता तो जदयू की इतनी बड़ी हार नहीं हुई होती।
उन्होंने कहा कि उन्हें अगर सही जानकारी दी गई होती, तो वो रणनीति में बदलाव करते। चुनाव के दौरान सोशल मीडिया समेत प्रचार तंत्र के विभिन्न माध्यमों से भाजपा ने भ्रामक प्रचार किया। लोगों को ऐसा लगने लगा कि एक बार इन्हें मौका देना चाहिए। आज तक जितने भी चुनाव हुए है, इतना महंगा प्रचार कभी किसी पार्टी ने नहीं किया।
भाजपा ने झूठ और अफवाह के बल पर वोट ले लिया। नीतीश ने कहा कि अपनी बातों को लोगों के बीच पहुंचाने के लिए संवाददाता सम्मेलन करने की बजाय वे लोगों के बीच जाकर बात करना बेहतर समझते हैं। उन्होंने जदयू कार्यकर्ताओं में नाराजगी को स्वीकार करते हुए कहा कि सरकार और संगठन की दूरी ही पार्टी की कमजोरी बनी, जिससे विपक्षी दलों को काफी फायदा मिला।
जदयू नेता ने स्वीकार किया कि लोकसभा चुनाव में पूर्ववर्ती यूपीए सरकार का सही विकल्प नहीं होने से कारण भाजपा और उसके सहयोगियों को खुला मैदान मिल गया, जिससे उन्हें केन्द्र्र की सत्ता हासिल करने में काफी मदद मिली।