पाकिस्तान पर हमला बोलने को लेकर सपा और बसपा के सुर अलग-अलग दिखाई दे रहे हैं। समाजवादी पार्टी ने जहां पाकिस्तान पर हमला बोलने का समर्थन किया है, वहीं बसपा ने युद्ध के विकल्प को खारिज किया है। इस बीच सरकार ने कट्टरवादी मानसिकता से दूर रहने की सलाह दी है।
मंगलवार को समाजवादी पार्टी ने दो टूक कह दिया कि पाक से निपटने के लिए एकमात्र हल युद्ध है। सपा के वरिष्ठ नेता रामगोपाल यादव ने कहा कि पाकिस्तान ने जिस तरह से हमारे दो भारतीय सैनिकों के सिर काटे हैं, उसे देखते हुए इस समस्या का एकमात्र हल युद्ध है। इसके जरिए पाकिस्तान पर काबू पाया जा सकता है।
दूसरी तरफ मायावती ने कहा है कि वह युद्ध को समस्या का एकमात्र हल नहीं मानती हैं। मायावती ने कहा कि अगर केंद्र सरकार इस मसले पर गंभीरता से कदम उठाए तो इसका शांतिपूर्ण तरीके से हल निकाला जा सकता है। उन्होंने केंद्र सरकार पर इस मसले को लेकर ढिलाई बरतने का आरोप भी लगाया।
इस बीच सरकार ने भाजपा नेता सुषमा स्वराज के कड़े बयान का जवाब दिया है। सरकार की ओर से सूचना और प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने कहा है कि पेशेवर सेनाएं समझौतों के नियमों का पालन करती हैं। उल्लंघन पर रणनीतिक जवाब के जरिए जीत दर्ज की जाती है न कि अंधराष्ट्रवाद से।
तिवारी ने सुषमा स्वराज के उस बयान के बाद टिप्पणी की है, जिसमें उन्होंने कहा था कि यदि पाकिस्तान शहीद सैनिक हेमराज का सिर नहीं लौटाता है तो भारत को पाकिस्तान से कम से कम 10 सिर लेकर आने चाहिए।