मुख्य चुनाव आयुक्त वीएस संपत ने शनिवार को कहा कि उन्होंने कानून मंत्रालय को यह लिखा है कि चुनाव के दौरान पेड न्यूज को अपराध के रूप में माना जाना चाहिए।
तिरुवनंतपुरम में चुनावी सुधार पर एक सेमिनार पर बोलते हुए संपत ने कहा कि पेड न्यूज जैसे अपराध का हर एक पर असर होता है, चाहे वह मीडिया हो, उम्मीदवार हो या फिर वोटर ही क्यों ना हो। यह पूरी चुनावी प्रक्रिया को बिगाड़ने का काम करता है।
पेड न्यूज को चुनावी अपराध के रूप में देखा जाना चाहिए और इससे जुडे लोगों को इसका खामियाजा भुगतना पड़े।
संपत ने कहा कि चुनाव से पहले जो कोई भी सरकार होती है वह चुनाव आचार संहिता लागू होने से पहले अपने वादे और कामों को लेकर खूब विज्ञापन देती हैं, यह प्रक्रिया भी बंद होनी चाहिए। हालांकि स्वास्थ्य, गरीबी उन्मूलन और उपभोक्ता के हित से संबंधी चीजों को इससे अलग किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग 'वोटिंग को जरूरी बाध्यता' नहीं बनाना चाहती है। चुनाव आयोग चाहती है कि लोग ज्यादा से ज्यादा वोट देने घर से बाहर निकलें, जो हाल के चुनावों में देखने को भी मिला है।