व्यापमं घोटाले में फंसे मध्यप्रदेश के राज्यपाल राम नरेश यादव का अपने पद से हटना लगभग तय माना जा रहा है। घोटाले में राज्यपाल की संलिप्तता और उनके हटाए जाने से संबंधी याचिका की प्रतिक्रिया में सुप्रीम कोर्ट की नोटिस के बाद केंद्र ने अपनी तैयारी शुरु कर दी है।
इस सिलसिले में गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी से मुलाकात कर सभी तकनीकी पहलुओं से अवगत कराया है। गृह मंत्रालय के अधिकारी के मुताबिक अब मध्यप्रदेश राज्यपाल का जाना कुछ ही दिनों की बात है।
सूत्रों ने बताया कि केंद्र राज्यपाल की ओर से अपनी पहल पर इस्तीफे की उम्मीद कर रही है। अगर आने वाले एक से दो दिन में यादव ने इस्तीफा नहीं दिया तो इन गंभीर आरोपों के आधार पर राष्ट्रपति उन्हें बर्खास्त कर सकते हैं।
जवाब के लिए चार सप्ताह का वक्त
माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के
विदेश दौरे से लौटने के बाद यादव को हटाने का फैसला लिया जाएगा। हालांकि
अदालत ने राज्यपाल, केंद्र और मध्यप्रदेश सरकार को इस मामले में जवाब के
लिए चार हफ्ते का वक्त दिया है।
लेकिन नोटिस के बाद केंद्र राज्यपाल के पद
की गरिमा के मद्देनजर इसपर जल्द फैसले लेने के पक्ष में है। गौरतलब
है कि इस साल फरवरी में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की निगरानी में व्यापमं
घोटाले की जांच कर रही एटीएफ ने राम नरेश यादव के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया
था।
इसके विरोध में यादव बतौर राज्यपाल अपने संवैधानिक छूट का हवाला देते
हुए हाईकोर्ट से एफआईआर रद्द करने का अपील की। हाईकोर्ट ने 6 मई को यादव के
खिलाफ एफआईआर रद्द कर उन्हें बड़ी राहत दी।
शिवराज पर बढ़ेगा दबाव
रामनरेश के साथ उनके बेटे भी इस मामले में आरोपी थे जिनकी मौत हो चुकी है। यह मौत व्यापमं घोटाले से संबंधित 47 मौतों में एक है।
सूत्रों ने बताया कि यूपीए सरकार में नियुक्त हुए रामनरेश यादव को हटाने की सुगबुगाहट पहले भी हुई थी। लेकिन राजनीतिक नेतृत्व को लगा कि अगर घोटाले के लिए राज्यपाल को हटाया जाता है तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को हटाने के लिए विपक्ष का दबाव बढ़ जाएगा।