केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने व्यापमं घोटाले की जांच सीबीआई से कराने की मांग को भले सिरे से खारिज कर दिया हो मगर भाजपा आलाकमान मामले की जांच सीबीआई से कराने के लिए खुद को मानसिक रूप से तैयार करने में जुट गया है।
पार्टी का स्पष्ट कहना है कि व्यापमं घोटाले की जांच के लिए किसी एजेंसी को लेकर उसकी कोई हठधर्मिता नहीं है। इस बीच पार्टी नेतृत्व ने व्यापमं घोटाले से हुए सियासी नुकसान का आकलन भी शुरू कर दिया है। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह खुद मामले के सियासी नफा-नुकसान पर नजर रखे हुए हैं।
शाह ने सोमवार को मध्य प्रदेश पार्टी प्रभारी विनय सहस्त्रबुद्धे को बुलाकर व्यापमं मामले पर लंबी मंत्रणा की। बताया जा रहा है कि शाह के निर्देश पर ही सहस्त्रबुद्धे ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से व्यापमं घोटाले को लेकर उठे सियासी बवाल पर बातचीत की है।