वीवीआईपी हेलीकॉप्टर डील मामले में कथित तौर पर लग रहे भ्रष्टाचार के आरोपों की सच्चाई पता करने के लिए रक्षा मंत्री एके एंटनी ने ब्रिटेन से जानकारी मांगी है। साथ ही उन्होंने यह भी साफ कर दिया है कि अगर इस डील में किसी भी तरह की गड़बड़ी पाई गई तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
ब्रिटेन में स्थित इटली की एक कंपनी और भारत के बीच 12एडब्ल्यू-101 हेलीकॉप्टर खरीदने के लिए करीब 560 मिलियन यूरो की डील हुई है। कुछ मीडिया रिपोर्टों में छपा है कि स्विट्जरलैंड में दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोप हैं कि इन्हें डील फाइनल कराने के लिए कथित तौर पर कमीशन दिया गया है।
इस बारे में रक्षा मंत्री ने कहा, ‘जिस कंपनी से हमारा करार है, उसका मुख्यालय ब्रिटेन में स्थित है। हमने विदेश मंत्रालय से भी आग्रह किया है कि वह इस मामले को ब्रिटेन के समक्ष रखे। हम मीडिया रिपोर्टों की सच्चाई जानने का पूरा प्रयास कर रहे हैं।’ वह रक्षा अध्ययन एवं विश्लेषण संस्थान (आईडीएसए) अवार्ड समारोह से इतर पत्रकारों से बात कर रहे थे।
एंटनी ने कहा कि सरकार इन आरोपों की सच्चाई जानने के लिए काफी गंभीर है। उन्होंने कहा, ‘विदेश मंत्रालय के जरिए हम पहले ही इटली की सरकार को इस संबंध में पत्र लिख चुके हैं। हम जानना चाहते हैं कि क्या सच में इस डील के बीच में कोई ‘मिडिलमैन’ या गैर कानूनी ढंग से कोई भारतीय शामिल है।’
उन्होंने बताया कि भारत में इटली के राजदूत को भी इस मामले की गंभीरता से वाकिफ करा दिया है। सीबीआई जांच कराने के संबंध में उन्होंने कहा कि पहले हम सच्चाई जान लें, उसके बाद ही हम कुछ कह सकते हैं। सियाचिन मामले पर रक्षा मंत्री ने कहा कि इस मुद्दे पर हमारा पक्ष बिल्कुल साफ है और हम इसे बदलने वाले नहीं हैं। हम अभी वहां से सेना नहीं हटा रहे हैं।