सरकार ने राज्यासभा में वीवीआईपी हेलीकॉप्टर डील की जांच संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से कराने का प्रस्ताव पेश किया है।
राज्यसभा में इस पर हुई बहस के बाद संसदीय कार्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि सरकार इस मामले में किसी भी तरीके की जांच को तैयार है।
राज्यासभा में मामले पर चर्चा के दौरान भाजपा नेता प्रकाश जावड़ेकर ने सरकार पर मामले को दबाने का आरोप लगाया।
जावड़ेकर ने कहा कि जिस हेलीकॉप्टर सौदे से इटली को फायदा हुआ वह तो मामले की जांच कर रही है, लेकिन आर्थिक नुकसान उठाने के बावजूद देश की सरकार मामले को दबाने का प्रयास कर रही है।
बसपा सुप्रीमो मायावती ने कथित घोटाले की जेपीसी से जांच करवाने की मांग उठाई। हालांकि एनडीए की अहम सहयोगी जदयू जेपीसी जांच के पक्ष में नहीं हैं।
भाजपा तैयार नहीं
दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बुधवार सुबह संसदीय दल की बैठक में हेलीकॉप्टर सौदे की जांच के लिए जेपीसी गठित करने के सरकार के प्रस्ताव को एक प्रकार से नामंजूर कर दिया।
भाजपा के वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा ने कहा कि पार्टी 3600 करोड़ रुपए के अगस्टा-वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर सौदे की गंभीर और पूर्ण जांच चाहती है।
विफल करने का प्रयास
सिन्हा ने कहा कि मैं नहीं समझता कि इस समय जेपीसी सही है, क्योंकि लोकसभा का कार्यकाल साल भर में खत्म हो जाएगा। उन्होंने कहा कि जैसा कि हम जानते हैं कि जेपीसी अधिक समय लेगी। इसलिए यह जांच को विफल करने का प्रयास है।
नाम सार्वजनिक करने की मांग
उन्होंने कहा कि भाजपा इस बात पर जोर दे रही है कि मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में एक समयबद्ध सीबीआई जांच की जरूरत है। पार्टी ने यह भी मांग की है कि सौदे में कथित रिश्वत हासिल करने वालों के नाम सार्वजनिक किए जाएं।