हरियाणा के चुनाव में गिरता लिंगानुपात मुद्दा बन गया। वोटरों को लुभाने के लिए लैपटॉप, रंगीन टीवी और साइकिल बांटने के अभ्यस्त रहे राजनीतिक दलों से खुद वोटरों ने ऐसी चीज मांग ली है कि राजनीतिक दल भी मुश्किल में पड़ गए हैं।
जींद में युवा वोटरों ने नेताओं से दुल्हन की मांग की है। उन्होंने कहा है कि वे उसी नेता को वोट देंगे, जो उन्हें दुल्हन दिलाने का वादा करेगा। युवाओं के ऐसे ही एक समूह ने 'जींद कुंवारा यूनियन' नाम से संगठन भी बना लिया है।
गौरतलब है जींद में लिंगानुपात बहुत ही खराब हैं। वहां 1000 पुरुषों पर मात्र 827 महिलाएं हैं, जबकि हरियाणा में 1000 पुरुषों पर 843 महिलाओं का अनुपात है।
गिरते लिंगानुपात का नुकसान युवाओं को
जींद कुंवारा यूनियन के पदाधिकारी प्रदीप सिंह ने बताया कि हमारे यहां कुंवारों की संख्या कितनी है, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है। लेकिन दुल्हनें पर्याप्त नहीं है, ये तय है। उन्होंने कहा कि खराब लिंगानुपात का नुकसान युवाओं को उठाना पड़ रहा है।
प्रदीप के प्रयासों से ही 2009 में जींद कुंवारा यूनियन का गठन हुआ था। कुंवारों का नेतृत्व कर रहे प्रदीप खुद विवाहित हैं। उन्होंने बताया कि जींद में दुल्हन की कमी सभी वर्गों में हैं। गरीब और संपन्न सभी दुल्हनों की कमी से जूझ रहे हैं।
उचाना विधानसभा क्षेत्र के एक मतदाता ने बताया कि बहुत से कुंवारों ने दूसरे राज्यों की लड़कियों से विवाह किया है, लेकिन हम लोग ऐसी प्रथा के पक्ष में नहीं हैं। हमें केवल दुल्हन चाहिए।
खाप पंचायत भी मांग के समर्थन में
जींद कुंवारा यूनियन की मांग का समर्थन खाप पंचायत ने भी किया है। जुलाई में जींद में बिहार के नेताओं के साथ खाप पंचायत की एक बैठक हुई थी। बैठक में क्षेत्र में लड़कियों की संख्या और दुल्हनों पर ही बात हुई थी।
बीजेपी नेता ओमप्रकाश धनकड़ ने चंद दिनों पहले कहा था कि उनकी पार्टी हरियाणा के कुंवारों के लिए बिहार से दूल्हन लेकर आएगी। बयान के बाद काफी विवाद हुआ था। बिहार के नेताओं ने धनकड़ के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी थी लेकिन हरियाण के नेताओं ने चुप रहना ही मुनासिब समझा।
वहीं जींद कुंवारा यूनियन की मांग पर कांग्रेस के एक नेता ने कहा कि जब लोग भ्रूण हत्या में लिप्त हैं तो फिर उन्हें दुल्हन की जरूरत क्यों पड़ रही है। दुल्हन कोई सामान नहीं, जिसे बाजार से खरीद कर लाया जाए। उन्होंने कहा कि ऐसी बेतुकी मांगों का ध्यान नहीं दिया जाएगा।