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नासा में जीत के लिए क्या आप करेंगे ‘वोट फॉर इंडिया’

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‘नासा’ में जीत के लिए ‘वोट फार इंडिया’ अब अभियान बन रहा है। दो तारों के नामकरण के लिए पंडित श्रीराम शर्मा वोटिंग के लिए गायत्री परिवार की ओर से प्रयास किए ही जा रहे हैं, व्यक्तिगत स्तर पर वोटिंग भी प्रभावी हो रही है। गायत्री परिवार की ओर से गायत्री तपोभूमि और कालेजों में वोटिंग के लिए काउंटर पर वोटिंग के लिए कतारें लग गईं।
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बता दें कि अमेरिका की अंतरिक्ष अनुसंधान एजेंसी ‘नासा’(नेशनल एयरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन) ने हाल ही में एक नए तारे टॉ बूटिस और उसके उपग्रह टॉ बूटिस बी की खोज की। इनके नामकरण के लिए पूरे विश्व से सात महान विभूतियों के नाम मांगे हैं। इसमें भारत से अखिल विश्व गायत्री परिवार के संस्थापक ‘श्रीराम मत्त’ (पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य) और उनकी पत्नी भगवती देवी शर्मा का नाम शामिल किया गया है। इन नामों में से चयन के लिए 31 अक्तूबर तक ऑनलाइन वोटिंग जारी है।

गायत्री परिवार के ‘वोट फॉर इंडिया’ नामक इस अभियान में अब तक लाखों लोग वोट कर चुके हैं। मसानी स्थित गायत्री तपोभूमि परिसर में सामूहिक वोटिंग के लिए व्यवस्था की गई है। संस्था की ओर से ईश्वर शरण पांडेय ने बताया कि तपोभूमि के कार्यकर्ताओं की टीमें विद्यालय, कालेजों में जाकर युवाओं को इस वोट का महत्व, वोट करने का तरीका समझा रही हैं। युवाओं में इसको लेकर खासा उत्साह है। संस्था अपने देश और विदेश में बैठे अनुयायियों से भी सोशल मीडिया, फोन आदि से संपर्क साध रहा है।
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ऐसे करें वोट

श्रीराम मत्त और भगवती देवी शर्मा को वोट करने के लिए आपको 222.ठ्ठड्डद्वद्गद्ग3श2शह्म्द्यस्रह्य.द्बड्डह्व.शह्म्द्द पर लॉग ऑन करना होगा। इसके बाद वेबसाइट पर वोट नाउ (1शह्लद्ग ठ्ठश2) पर क्लिक करें। यहां से आपको नए खोजे गए तारों की सूची प्राप्त होगी।

इस सूची में से टॉ बूटिस खोज कर उस पर वोट के लिए क्लिक करें। यहां चयन के लिए प्रस्तावित नाम में से श्रीराम मत्त, भगवती देवी शर्मा पर जाएं। इसके बाद इन दो नाम के पास दिया वोट बटन पर क्लिक करें।

अब एक बॉक्स जिस पर आईएम नॉट रोबोट लिखा नजर आएगा। उस पर क्लिक करें। इसके बाद सबमिट बटन पर क्लिक करने से आपका वोट थैंक यू संदेश के साथ स्वीकार कर लिया जाएगा। अंतिम तिथि 31 अक्तूबर है।

पुष्पांजलि द्वारिका निवासी हरेंद्र शास्त्री कहते हैं कि यह बहुत गौरव की बात है कि भारत से भी दो नामों को चयनित किया गया है। उन्होंने स्वयं और उनके परिवार ने तो वोट दिया ही है। वह अन्य लोगों को भी वोट देने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।

टाउनशिप निवासी रचना बताती हैं कि वह आरंभ से ही गायत्री परिवार के साथ जुड़ी रही हैं। उनके गुरु और माताजी का नाम वोटिंग के जरिए अंतरिक्ष पटल पर चमक सकता है। इसकी जानकारी पर सबसे पहले उन्होंने अपने परिजनों के साथ आनलाइन वोट दिया।

रिफाइनरी नगर निवासी जयप्रकाश सेन कहते हैं कि नासा द्वारा खोजे गए तारे और उपग्रह का नाम किसी भारतीय के नाम पर हो सकता है। यह सोचना ही काफी गौरवान्वित कर देता है। वह खुद तो वोट करेंगे ही दूसरों को भी जागरूक करेंगे।
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