पूर्व थल सेना प्रमुख जनरल वीके सिंह ने जनवरी 2012 में तख्ता पलट कराने की योजना बनाने के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह कहानी किसी शातिर दिमाग की उपज है और यह किसी को फायदा पहुंचाने के लिए गढ़ी गई है।
उन्होंने कहा कि किसी खास यूनिट की क्षमता को परखने के लिए की गई नियमित गतिविधियों को अगर तख्ता पलट करार दिया जाता है तो भगवान उनकी सहायता करें।
यहां एक कार्यक्रम में पूर्व थल सेना अध्यक्ष ने एक सवाल पर कहा कि ऐसी गतिविधियों में लाइव मिसाइलों का इस्तेमाल निश्चित तौर पर जरूरी था। आप पूरे गोला-बारूद के साथ मूव करते हैं।
आपको कैसे पता चलेगा कि उन मिसाइलों को तैयार होने में कितना समय लगता है। आप कैसे सीखेंगे। उन्होंने कहा कि यह कहानी किसी बेहद शातिर दिमाग की उपज है।
जब आप सेना को तैयार करते हैं तो उन्हें हर चीज के साथ तैयार करते हैं। सरकार के भीतर सेना को लेकर डर के बारे में एक सवाल पर उन्होंने कहा कि यह डर या फिर एक मानसिक बीमारी है...।
इस बारे में उन्होंने अपनी किताब में जिक्र किया है। इस तरह की बातें 50 और 60 के दशक में की जाती थी और सालों तक सेना को लोगों से दूर रखकर कई समूहों ने इसका खूब फायदा उठाया।
आपरेशन ब्लू स्टार के बारे में उन्होंने कहा कि जब आप चेन आफ कमांड को किनारा करते हैं तो उसका नतीजा निकलना तय है।
अगर इंदिरा गांधी ने सेना के चेन आफ कमांड को नजरअंदाज नहीं किया होता तो हमें 1984 नहीं देखनी पड़ती। भाजपा के पीएम उम्मीदवार नरेंद्र मोदी के साथ मंच साझा करने के बारे में उन्होंने कहा कि आप किसी के साथ मंच साझा करते हैं तो इसका मतलब यह नहीं कि आप वही व्यक्ति बन जाते हैं।
उन्होंने कहा कि वह आपके साथ मंच साझा कर रहे हैं इसका मतलब यह नहीं कि वह भी एक साहित्य आलोचक बन जाएंगे।