वीके सिंह ने नक्सल प्रभावित इलाकों में सेना के इस्तेमाल का विरोध किया है। उनके मुताबिक अपने लोगों के खिलाफ सेना का उपयोग उसकी छवि को दागदार कर देगा। समस्या से
निबटने के लिए कई दूसरे उपाय किए जा सकते हैं। सेना जवाब नहीं है।
वीके सिंह ने 2010 में छत्तीसगढ़ में नक्सलवादी हमले के बाद तत्कालीन केंद्रीय गृह मंत्री पी चिदंबरम के साथ हुई बैठक का भी जिक्र किया। कहा, "तब मैंने कहा था कि हमें नक्सलवाद के कारणों को जानने के लिए आत्मविश्लेषण करना चाहिए। मैंने केंद्रीय मंत्री को बताया था कि समस्या यह नहीं है कि सेना नक्सल प्रभावित इलाकों में जाना नहीं चाहती है पर इससे क्या संदेश जाएगा।"
पूर्व सेना प्रमुख के अनुसार उन्होंने तत्कालीन रक्षा मंत्री से भी कहा था कि सेना को नक्सल प्रभावित इलाकों में केवल तभी भेजना चाहिए जब राष्ट्रीय सुरक्षा पर कोई खतरा हो, खासकर किसी और देश द्वारा।