कश्मीरी अलगाववादी नेताओं को आमंत्रित किए जाने पर जारी तनातनी के बीच विदेश राज्यमंत्री वीके सिंह ने सोमवार को पाकिस्तान के राष्ट्रीय दिवस समारोह में शिरकत की।
सिंह ने पाक उच्चायोग से वापस आने के बाद ट्वीट के जरिए अपनी व्यथा जताई, जिससे पता चलता है कि वह अनमने मन से वहां गए थे।
हैशटैग डिसगस्ट (घृणित) और हैशटैग ड्यूटी (कर्तव्य) के जरिए उन्होंने अस्पष्ट तौर पर लिखा कि यह एक ऐसा काम था, जिसके लिए वह नैतिक कर्तव्यों या कानूनी कारणों से बंधे हुए थे।
हालांकि सिंह पाकिस्तानी उच्चायोग में बमुश्किल पांच मिनट ही रुके थे। भारत की आपत्तियों के बावजूद पाक उच्चायुक्त अब्दुल बासित ने हुर्रियत नेताओं सैयद अली शाह गिलानी, मीरवाइज उमर फारुक व अन्य के साथ बैठक के बाद डिनर किया।
जनरल वीके सिंह ने ट्वीट कर दी सफाई
दूसरी ओर विदेश राज्यमंत्री के समारोह में शामिल होने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अपने पाकिस्तानी समकक्ष नवाज शरीफ को पत्र लिखकर दी गई बधाई के कदम को दोनों देशों के बीच वार्ता बहाल होने के कूटनीतिक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है।
कश्मीरी अलगाववादी नेताओं को राष्ट्रीय दिवस पर आयोजित समारोह में न्योते पर विरोध के बीच सोमवार को भारत और पाकिस्तान के बीच कूटनीतिक खिचड़ी भी पकती रही।
एक तरफ जहां विदेश मंत्रालय ने न्योते के सवाल पर पाकिस्तान पर हमला बोला तो दूसरी ओर पीएम ने पत्र लिख कर नवाज शरीफ को बधाई दी। इसके अलावा विदेश राज्यमंत्री वीके सिंह ने समारोह में उपस्थिति दर्ज कराकर नया कूटनीतिक संदेश दिया।
हालांकि इससे पहले जब पाकिस्तानी उच्चायुक्त बासित ने कश्मीरी अलगाववादी नेताओं को निमंत्रण पर भारत की ओर से किसी तरह की आपत्ति न होने का जिक्र किया तो विदेश मंत्रालय ने तीखी प्रतिक्रिया जताई।
मंत्रालय ने दोनों देशों के बीच वार्ता में किसी तीसरे पक्ष की भूमिका को सिरे से खारिज करते हुए शिमला समझौते और लाहौर घोषणा पत्र की याद दिलाई।
पाक उच्चायुक्त के साथ अलगाववादियों का डिनर
मालूम हो कि अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की भारत यात्रा के तत्काल बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सार्क देशों की यात्रा के बहाने विदेश सचिव एस जयशंकर को पाकिस्तान भेजने की घोषणा की थी।
इसी महीने इस्लामाबाद यात्रा के दौरान जयशंकर ने अपने पाकिस्तानी समकक्ष से बातचीत की थी। इसके बाद पाक उच्चायुक्त ने एक बार फिर से हुर्रियत नेताओं से मुलाकात का सिलसिला शुरू किया।
रविवार को मीरवाइज उमर से हुई मुलाकात से पहले बासित ने इस सिलसिले में गिलानी से बातचीत की थी। बताया जा रहा है कि इस बातचीत में बासित ने जयशंकर की पाकिस्तान यात्रा के दौरान हुई बातचीत का ब्योरा इन नेताओं को दिया था।