अपनी अलग तरह की फिल्मों व अदाकारी के लिए प्रसिद्ध अभिनेता और निर्देशक कमल हासन की फिल्म ‘विश्वरूपम’ को मद्रास हाईकोर्ट से भी राहत नहीं मिली है।
प्रसिद्ध अभिनेता व निर्देशक कमल हासन की फिल्म 'विश्वरूपम' तमिलनाडु में
28 जनवरी तक रिलीज नहीं होगी, लेकिन आज ये फिल्म दक्षिण भारत के बाकी
हिस्सों में रिलीज होगी। कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार की ओर से फिल्म के प्रदर्शन पर लगाई गई दो हफ्ते की रोक को हटाने से इनकार कर दिया है। अदालत ने कहा कि यह पाबंदी 28 जनवरी तक प्रभावी रहेगी। इससे पहले हासन ने तमिलनाडु सरकार के फैसले के खिलाफ मद्रास हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
कमल हासन ने एक बयान में कहा, अपना राजनीतिक कद बढ़ाने की फिराक में लगे छोटे संगठनों ने निर्ममता से मेरा उपयोग एक जरिए के रूप में किया है। जब आप स्वयं से कुछ हासिल नहीं कर पाते, तब खुद को लोगों की नजर में लाने के लिए किसी हस्ती को निशाना बनाना एक आसान तरीका बन जाता है। यह बार-बार हो रहा है, अब मैं कानून एवं तर्क का सहारा लूंगा। इस तरह के सांस्कृतिक आतंकवाद को रोकने ही होगा।
गौरतलब है कि कुछ मुस्लिम संगठनों की आपत्तियों के बाद कमल हासन की फिल्म पर तमिलनाडु सरकार ने बुधवार रात करीब दो हफ्ते के लिए प्रतिबंध लगा दिया था।
विश्वरूपम पर विवाद
कुछ दिन पहले मुस्लिम संगठनों के लिए फिल्म की खास स्क्रीनिंग की गई थी, जिसे देखने के बाद कुछ संगठनों का कहना था कि ये फिल्म सांप्रदायिक तालमेल को बिगाड़ सकती है। इन संगठनों ने फिल्म में मुसलमानों को नकारात्मक ढंग से पेश करने का आरोप लगाया है।
डीटीएच रिलीज पर हो हल्ला
कमल हासन ने इस फिल्म के रिलीज अधिकार मल्टीप्लेक्सों के साथ डीटीएच कंपनियों को भी बेचे थे। लोग एक हजार रुपये चुकाकर इस फिल्म को देख सकते थे। कमल हासन के इस फैसले से कई मल्टीप्लेक्स कंपनियां और सिनेमाघर मालिक नाराज हो गए थे।
प्रतिबंध पर विचार करे राज्य सरकार
केंद्र ने तमिलनाडु सरकार से कहा है कि वह विश्वरूपम के प्रदर्शन पर लगाई गई पाबंदी पर फिर से विचार करे। क्योंकि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार, इस तरह के मामलों में सेंसर बोर्ड ही नजरिया ही मान्य है।
सूचना प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने बताया कि निर्माता और निर्देशक प्रकाश झा की एक फिल्म के मामले में उच्चतम न्यायालय ने कहा था कि संविधान के अनुच्छेद 246 और सातवीं अनुसूची के अनुसार केंद्र को यह अधिकार है कि वह किसी फिल्म के प्रदर्शन प्रमाण पत्र दे या न दे।
एक बार अगर सेंसर बोर्ड ने फिल्म हो हरी झंडी दे दी तो राज्य इसे बदल नहीं सकते हैं। तिवारी ने तमिलनाडु सरकार से कहा कि वह इस मसले में कदम उठाने से पहले सुप्रीम कोर्ट के निर्णय को पढ़े।