कमल हासन की फिल्म 'विश्वरूपम' पर उत्तर प्रदेश में भी बैन लग सकता है। समाजवादी पार्टी ने कहा है कि फिल्म को लेकर जो विवाद है वह जब तक खत्म नहीं होता है तब तक राज्य में फिल्म को रिलीज नहीं होने दिया जाएगा। उत्तर प्रदेश में ये फिल्म 5 फरवरी को रिलीज होने वाली है।
समाजवादी पार्टी नेता राम आसरे कुशवाहा ने कहा है कि उत्तर प्रदेश में इस फिल्म को तब तक रिलीज नहीं किया जाएगा, जब तक अधिकारी इसे देख नहीं लेते और ये तय नहीं कर लिया जाता कि फिल्म में विवाद फैलाने लायक कुछ भी नहीं है।
उन्होंने कहा कि फिल्म सांप्रदायिक नहीं है और समाज को सकारात्मक संदेश देने वाली है, ये तय होने के बाद ही इसे रिलीज किया जाएगा। इस बीच कमल हासन ने कहा है कि 'विश्वरूपम' पर बैन के मुद्दे पर मद्रास कोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में नहीं जाएंगे और बातचीत से मुद्दे का हल निकालेंगे।
सूचना और प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने ट्विटर पर कहा है कि विश्वरूपम पर लगे बैन के बाद सिनेमेटोग्राफिक एक्ट पर फिर से विचार करने की जरूरत है। उन्होंने कहा है कि सेंसर बोर्ड से पास हो जाने के बाद भी 'विश्वरूपम' पर जैसे बैन लगा है, वह गलत परंपरा की शुरुआत करेगा और आगे राज्य दूसरी फिल्मों को भी बैन कर सकते हैं।
देवबंदी उलेमा ने की बैन की मांग
उत्त्ार प्रदेश्ा में देवबंदी उलेमा ने कमल हासन की फिल्म पर ऐतराज जताते हुए इस पर पाबंदी लगाने की मांग की है। फिल्म में मुस्लिम समुदाय को देश के खिलाफ दिखाए जाने पर मदरसा जामिया इमाम मो. अनवर शाह के वरिष्ठ मुफ्ती अरशद फारुखी ने कहा कि इस तरह की फिल्में देश में सांप्रदायिकता का जहर घोलने का काम करती हैं, इसलिए ऐसी फिल्मों पर सरकार को तुरंत पाबंदी लगानी चाहिए।
अरबी के प्रसिद्ध विद्वान मौलाना नदीमुलवाजदी ने कहा कि किसी भी धर्म को लेकर इस तरह की विवादित फिल्म बनाना देश के लिए बेहतर नहीं है। दारुल उलूम वक्फ के वरिष्ठ उस्ताद और मदरसा जामिया तुल अनवरिया के मोहतमिम मौलाना नसीम अख्तर शाह कैसर ने भी फिल्म पर रोक लगाने की मांग की है।