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मोदी को छोड़िए, ये दिग्गज हारने जा रहे हैं लोकसभा चुनावः पोल

Wed, 14 May 2014 12:37 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
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अंतिम चरण की वोटिंग के बाद सामने आए सभी एग्जिट पोल यूं तो नरेंद्र मोदी की अगुवाई में एनडीए को कमोबेश पूर्ण बहुमत दे रहे हैं, लेकिन हकीकत क्या है, यह 16 मई बताएगा।
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इस बीच एक ऐसा पोल सामने आया है, जो वीआईपी सीटों पर गौर करता है। देश भर की 543 सीटों को लेकर सामने आए एग्जिट पोल जितना दिलचस्प हैं, उतना ही दिग्गजों का हाल बताने वाला यह आकलन।

इस पोल में ऐसी-ऐसी संभावना जताई गई है, जिसे पढ़कर आपके होश उड़ा सकता है। सर्वे में कई ऐसे दिग्गज नेताओं के हारने की बात कही गई है, जिनकी जीत तय मानी जा रही थी।
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30 वीआईपी सीटों का लेखा-जोखा

इस पोल में जिन 30 सीटों को शामिल किया गया है, उनमें अमेठी (राह‌ुल गांधी), अमृतसर (अरुण जेटली), गांधीनगर (लालकृष्‍ण आडवाणी), चांदनी चौक (कपिल सिब्बल) और बंगलुरु साउथ (अनंत कुमार) शामिल है।

इनके अलावा बांकुरा (बासुदेव आचार्य), छिंदवाड़ा (कमलनाथ), रायबरेली (सोनिया गांधी), शिवगंगा (कार्तिक चिदंबरम) और साउथ मुंबई (मिलिंद देवड़ा) पर भी पोल किया गया है।

साथ ही साथ बनारस वीआईपी सीट है, इसलिए उस पर भी लोगों से अंदाजा मांगा गया है। इस सीट पर नरेंद्र मोदी, अजय राय और अरविंद केजरीवाल के बीच बेहद दिलचस्प मुकाबला होने की उम्मीद है। आइन उन दिग्गजों पर नजर डालें, जिन पर हार का खतरा मंडरा रहा है।

चांदनी चौक में कपिल सिब्बल की अमावस?

सबसे ज्यादा हैरान करने वाली खबर पुरानी दिल्ली से आ रहा है। पोल में कहा गया है कि चांदनी चौक सीट से केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता कपिल सिब्बल हार सकते हैं।

यहां उनका मुकाबला भाजपा के डॉ. हर्षवर्धन और आम आदमी पार्टी के आशुतोष से है। सिब्बल के लिए ज्यादा बुरी खबर यह है‌ कि वो तीसरे नंबर पर खिसक सकते हैं। इस सीट पर भाजपा के जीतने की संभावना जताई गई है।

यह कांग्रेस के‌ लिए तगड़ा झटका होगा, क्योंकि सिब्बल के लिए चांदनी चौक गढ़ माना जाता है। उन्होंने चुनाव प्रचार काफी पहले शुरू कर दिया था और इसकी सामग्री तैयार करने में निजी दिलचस्पी दिखाई थी।

दिल्ली में हार सकते हैं अजय माकन

राजधानी की नई दिल्ली सीट पर भी सभी की निगाह है, क्योंकि विधानसभा चुनावों में यहीं की एक सीट पर अरविंद केजरीवाल ने पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को हराकर कमाल कर दिया था।

पोल में कहा गया है कि यहां कांग्रेस की तरफ से उतरे मौजूदा सांसद अजय माकन के लिए खतरे की घंटी बज रही है। कांग्रेस के साथ-साथ भाजपा के लिए भी बुरी खबर है।

इस सीट पर आम आदमी पार्टी के आशीष खैतान के हाथ जीत लग सकती है, जबकि भाजपा की मीनाक्षी लेखी दूसरे पायदान पर खिसक सकती है। ऐसा हुआ, तो दोनों प्रमुख दलों के लिए यह धक्का होगा।

गुना की गुणा-भाग में फंस गए सिंधिया?

मध्य प्रदेश में भाजपा मजबूत स्थिति में रह सकती है, यह बात कांग्रेस भी जानती है। लेकिन वीआईपी एग्जिट पोल उसके होश उड़ाने के लिए काफी साजो-सामान रखे हुए है।

यहां की गुना सीट कांग्रेस का गढ़ मानी जाती थी, जहां से केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया मौजूदा सांसद हैं। लेकिन इस बार भाजपा ग्वालियर से अपने मजबूत उम्मीदवार जयभान सिंह पवैया को वहां ले गई।

और भाजपा के इस दांव के कामयाब रहने की संभावना बढ़ गई है। मध्य प्रदेश में छिंदवाड़ा के अलावा कांग्रेस गुना में जीत को लेकर आश्वस्त थी, लेकिन पोल ने उसकी नींद उड़ा दी है।

बनारस में टूटेगा केजरीवाल-अजय राय का ख्वाब?

बनारस में सियासत का कुछ ऐसा रंग जमा है कि भाजपा के पीएम पद के दावेदार नरेंद्र मोदी, आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल और कांग्रेस अजय राय के बीच ऊंट किस करवट बैठेगा, यह अंदाजा लगाना मुश्किल हो गया है।

लेकिन वीआईपी पोल में बाजी मोदी के हाथों में जाती दिख रही है। अगर ऐसा हुआ, तो यह आम आदमी पार्टी के लिए खतरा होगा। दरअसल, केजरीवाल ने यह सीट इसलिए चुनी थी कि उन्हें प्रचार करने और पाने में आसानी हो।

पर अब ऐसा जान पड़ रहा है‌ क‌ि अगर इतनी ताकत आम आदमी पार्टी दूसरी सीटों पर झोंकती, तो सीटों की संख्या में उसे खासा फायदा हो सकता था। खास तौर से दिल्ली और पंजाब में ऐसा मुमकिन था। अजय राय के खाते भी हार आती दिख रही है।

कोशिशों के बावजूद राहुल का किला बरकरार?

अमेठी पिछले दस साल से ज्यादा वक्त से कांग्रेस का गढ़ मानी जाती है और इस बार भी तमाम आशंकाओं को दरकिनार करते हुए पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी मैदान मार सकते हैं।

इस बार अमेठी को लेकर इसलिए सवाल खड़े हो रहे थे, क्योंकि आम आदमी पार्टी के नेता कुमार विश्वास ने काफी पहले से यहां अपनी कोशिशों को रफ्तार दे दी थी और बाद में भाजपा ने स्मृति ईरानी के रूप में बड़ा चेहरा उतारा।

और तो और, चुनाव प्रचार के अंतिम दिन नरेंद्र मोदी ने अमेठी में चुनावी रैली को संबोधित किया। आम तौर पर ऐसा नहीं होता था, क्योंकि बड़े नेता की सीट पर विरोधी ज्यादा जोर लगाने के लिए कभी नहीं जाने गए।

मुलायम को लग सकता है झटका?

बनारस में मोदी के उतरने का असर कम करने के लिए समाजवादी पार्टी प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने मैनपुरी के साथ-साथ आजमगढ़ से लड़ने का फैसला किया।

जा‌हिर है, इसके पीछे पूर्वांचल में नुकसान को न्यूनतम रखने की मंशा रही होगी। लेकिन हैरानी की बात यह है ‌कि यहां उन्हें सीट बचाना मुश्किल दिख रहा है। भाजपा के रमाकांत यादव आजमगढ़ में उन्हें कड़ी टक्कर दे रहे हैं।

फिलहाल इस बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता कि जीत किसके झोले में जाएगी, लेकिन यह साफ दिख रहा है‌ कि मामला उतना आसान नहीं जितना मुलायम ने शुरुआत में सोचा था।

मथुरा से हार रहे हैं चौधरी साब?

दिलचस्प जंग दिल्ली से कुछ दूरी पर बसे मथुरा में भी देखने को मिल रही है। यहां ड्रीम गर्ल हेमामालिनी को प्रचार के दौरान कई सवालों का सामना करना पड़ा, लेकिन अब खुशखबरी मिलती दिख रही है।

पोल में संभावना जताई गई है कि मथुरा से हेमामालिनी जीत सकती हैं। उनका मुकाबला आरएलडी प्रमुख अजीत सिंह के बेटे और इसी सीट से मौजूदा सांसद जयंत चौधरी से है।

जयंत का कहना था‌ कि बॉलीवुड के बाद नेतागिरी में उतरीं हेमा‌मालिनी बाहरी हैं। लेकिन पोल की मानें, तो ऐसा लगता है कि जनता ने ग्लैमर और मोदी के नाम पर वोट मांगने वाली हेमा को पसंद कर लिया है।

अमृतसर में अरुण की नहीं चलेगी?

पंजाब में भाजपा को तगड़ा झटका लग सकता है। अपना पहला लोकसभा चुनाव लड़ रहे पार्टी के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली के सिर पर अमृतसर में हार का खतरा मंडरा रहा है।

कांग्रेस ने काफी सोच-विचार के बाद जेटली के खिलाफ पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमर‌िंदर सिंह को उतारा था और लगता है कि उस‌का यह दांव काम कर गया है।

यह बात तय मानी जा रही थी कि इस सीट पर दोनों पक्षों के बीच जोरदार टक्कर देखने को मिलेगी, लेकिन वीआईपी पोल के मुताबिक आखिरी बाजी अमरिंदर सिंह के हाथ लग सकती है।

गाजियाबाद में राज बब्बर का क्या होगा?


आम आदमी पार्टी की वजह से अगर राजधानी दिल्ली की सभी सातों सीटों पर निगाह रहेगी, तो वहीं इससे सटी सीट गाजियाबाद दो या तीन तरफा नहीं, बल्कि पांच कोण वाला मुकाबला दिलचस्पी बनाए है।

लेकिन पोल के मुताबिक कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राज बब्बर काफी कोशिशों के बावजूद जीत के दरवाजे तक नहीं पहुंच सकेंगे। यहां भाजपा के वी के सिं‌ह के जीतने की संभावना है।

इन दोनों के अलावा आम आदमी पार्टी की शाजिया इल्मी, बहुजन समाज पार्टी के मुकुल उपाध्याय और समाजवादी पार्टी के सुधन रावत मैदान में हैं, लेकिन बाजी पूर्व सेना प्रमुख के हाथ जाती दिख रही है।

श्रीप्रकाश को नहीं मिलेगी विजयश्री?

कोयला मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल को शायद 16 मई तक ठीक से नींद नहीं आएगी। इसकी वजह भी है। दरअसल, इस बार अपने कानपुर शहर में उन्हें मुश्किल पेश आ रही है।

भाजपा ने बनारस की सीट मोदी के लिए खाली करने के बाद मुरली मनोहर जोशी को कानपुर रवाना किया और वो जायसवाल के सिर का दर्द बन सकते हैं।

दरअसल, इस सीट पर काफी ड्रामा देखने को मिला था। पहले सपा ने कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव को टिकट दिया, लेकिन बाद में वो पीछे हट गए। बहरहाल, कशमकश के बीच भी भाजपा नेता जीत की मुरली बजा सकते हैं।

चिदंबरम के बेटे भी हारेंगे?


कांग्रेस के कई मंत्रियों ने इस बार चुनावी मैदान से दूरी बनाए रखना बेहतर समझा और भाजपा ने आरोप लगाया कि ऐसा वो हार के डर के कारण कर रहे हैं।

ऐसे ही एक मंत्री पी चिदंबरम हैं, जो इस बार लोकसभा चुनाव नहीं लड़ रहे। लेकिन उन्होंने अपनी सीट शिवगंगा अपने बेटे कार्तिक चिदंबरम को टिकट दिलाया है।

लेकिन वीआईपी पोल उनका दिल तोड़ सकता है। दरअसल, एआईडीएमके के पी आर सेंतिलनाथन कार्तिक को हरा सकते हैं। सबसे दिलचस्प बात यह है कि यहा दूसरे नंबर पर भाजपा रह सकती है।

विदिशा में दिग्गी के भाई की हार?

‌कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह अपने विवादित बयानों की वजह से जाने जाते रहे हैं, लेकिन इस बार वो दूसरी वजहों से सुर्खियां बनाईं। मोदी का बनारस से लड़ना तय होने के बाद उन्होंने कहा कि वो मोदी के खिलाफ लड़ने को तैयार हैं।

लेकिन उनकी पार्टी ने उन्हें मौका नहीं दिया। पर उनके भाई लक्ष्मण सिंह एक हाई-प्रोफाइल मुकाबले में भाजपा की वरिष्ठ नेता सुषमा स्वराज के सामने हैं और उनके बुरी खबर आ रही है।

इस सीट पर सुषमा स्वराज की जीत की संभावना जताई गई है, जिसके कारण कांग्रेस के नेता और‌ दिग्गी के भाई लक्ष्मण सिंह को हार का सामना करना पड़ सकता है।

राबड़ी के आगे नहीं चला रूडी का जोर?

बिहार में सारण सीट पर दिलचस्प मुकाबला पहले से तय था और यहां चुनौती भी जोरदार रही। भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री ने अपनी तरफ से जोरदार चुनौती पेश की। लेकिन कामयाबी नहीं मिली।

वीआईपी पोल के मुताबिक राजीव प्रता रूडी बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को कड़ी टक्कर देने में तो कामयाब रहे, लेकिन जीत से कुछ दूर रह गए। भाजपा निराश हो सकती है।

आरजेडी इस पोल के सहारे राहत की सांस ले सकती है, क्योंकि अगर राबड़ी देवी हारती हैं, तो यह लालू यादव के लिए तगड़ा झटका होगा, जो बिहार में खोई जमीन वापस हासिल करने में लगे हैं।
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पप्‍पू होगा पास, मीसा भारती फेल?

बिहार में एक और मुकाबला मधेपुरा सीट पर है। यहां आरजेडी के पप्पू यादव और जनता दल युनाइटेड के अध्यक्ष शरद यादव के बीच कड़ी टक्कर जारी है। पोल के मुताबिक दोनों ने पूरा जोर लगाया है। लेकिन जीत मिलेगी पप्पू यादव को।

इसके अलावा पाटिलपुत्र सीट पर गजब की लड़ाई है। चुनावों से ऐन पहले लालू यादव का साथ छोड़ भाजपा में शामिल हुए रामकृपाल यादव यहां उनकी बेटी मीसा भारती को चुनौती दे रहे हैं।

वीआईपी पोल की मानें, तो इस बार चाचा, अपनी भतीजी पर भारी पड़ सकते हैं, क्योंकि जीत रामकृपाल को मिलेगी। लालू के लिए यह बड़ा झटका होगा, क्योंक‌ि यह सीट उन्होंने रामकृपाल से छीनकर मीसा को दी थी।
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