जब सारे एग्जिट पोल भाजपा और एनडीए को पूर्ण बहुमत या बहुमत के बिलकुल करीब पहुँचने का अनुमान लगा रहे हैं तब दिल्ली के ज्योतिषी पंडित विभूति ठाकुर का कहना है कि केंद्र में कांग्रेस गठबंधन की ही सरकार बनेगी और राहुल गाँधी प्रधानमंत्री बनेगे। ठाकुर का यह भी कहना है कि भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेन्द्र मोदी बनारस में मामूली अंतर से चुनाव हार जायेंगे।
उन्हें कांग्रेस के अजय राय 16से18 हजार वोटों से शिकस्त देंगे। ठाकुर का दावा है कि उन्होंने दिल्ली विधान सभा चुनावों में 25 हजार वोटो से शीला दीक्षित के हारने की भविष्यवाणी की थी। ठाकुर का कहना है कि उन्होंने 2004 में वाजपेयी सरकार की हार की भविष्यवाणी भी की थी। ठाकुर के मुताबिक ग्रहों की स्थिति लगभग वही है जो 2004 में थी। इसलिए नतीजे भी वैसे ही होंगे। ठाकुर का कहना कि अगर लोकसभा चुनाव 25मार्च तक हो जाते तो मोदी प्रधान मंत्री बनते।
तब मंगल और शनि मोदी के पक्ष में मजबूत थे इसलिए उनका सियासी ग्राफ लगातार बढ़ा। लेकिन उसके बाद शनि और मंगल की स्थिति बदल गई। वो मोदी के लिए कमजोर हो गए जबकि राहुल का सूर्य प्रबल है। इसलिए स्थिति बदल गई है। ठाकुर का दावा ये भी है कि राहुल भी अमेठी से 35से40हजार की बढ़त से ही जीत पायेंगे जबकि सोनिया गाँधी अच्छे अंतर से जीतेंगी।
राहुल के खिलाफ कुमार विश्वास दुसरे और स्मृति इरानी तीसरे नंबर पर रहेंगी। ठाकुर का ये भी दावा है कि भाजपा दिग्गज राजनाथ सिंह मुरली मनोहर जोशी अरुण जेटली चुनाव हार सकते हैं जबकि लालकृष्ण अडवाणी सुषमा स्वराज जीत सकते हैं। अडवाणी की जीत का अंतर काफी कम होगा। ठाकुर ने आम आदमी पार्टी को पांच सीट मिलने की भविष्यवाणी की है।
राहुल का पलड़ा यहां भी भारी, क्या अबकी बार है मोदी की बारी?
जाने माने ज्योतिषशास्त्री पंडित जयगोविंद शास्त्री बताते हैं कि राहुल की ग्रह दशा इन दिनों बहुत ही मजबूत है। इसलिए यह तय है कि अमेठी में यह भारी अंतर से विजयी होंगे। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि ग्रह उन्हें प्रधानमंत्री की कुर्सी पर बैठाने वाले हैं। अभी राहुल की कुण्डली में ऐसी ग्रह दशा नहीं है कि वह प्रधानमंत्री बन पाएं।
प्रधानमंत्री की कुर्सी पर विराजमान होने का योग मोदी की कुण्डली में दिख रहा है। मोदी की कुण्डली काफी बलवान है। वृश्चिक लग्न और राशि में जन्मे मोदी की कुण्डली में इन दिनों भाग्य के स्वामी चन्द्रमा की दशा चल रही है। चन्द्रमा में पंचमेश गुरु का अंतर भी चल रहा है जो बहुत ही शुभ संकेत है।
अबतक हुए 18 प्रधानमंत्रियों में से ग्यारह प्रधामंत्री ने पंचमेश की दशा में ही शपथ ली है। और 19 वें प्रधानमंत्री के तौर पर नरेंद्र मोदी पंचमेश की दशा में शपथ लेंगे। शपथ ग्रहण 22 या 26 मई को सो सकता है।
बनेगी जिसकी सरकार, राहुल या मोदी?
हमारे तीसरे ज्योतिषी चन्द्रप्रभा का कहना है कि राहुल की साढ़ेसाती चल रही है और शनि भी नीच का होकर सातवें घर में बैठा है। सातवां घर और शनि दोनों ही जनता के कारक हैं। शनि की इस स्थिति के कारण राहुल जनता में लोकप्रियता हासिल करने में नाकामयाब रह रहे हैं। जबकि चुनाव जीतने के लिए जनता का प्रिय होना जरुरी है।
इनका मंगल सप्तेश होकर भाग्य स्थान में बैठा और भाग्येश बुध अपने से बारहवें स्थान में जाकर आठवें घर में बैठा है जिससे भाग्य का साथ इन्हें नहीं मिल रहा है। राहुल मानसिक तौर पर परेशान और उलझन में रहेंगे। अमेठी में इनकी जीत की संभावना भी कम है। अगर राहुल जीतते भी हैं तो इनकी जीत का अंतर काफी कम रहेगा।
जबकि मोदी के सितारे बुलंद हैं। भाग्येश में पंचमेश की दशा चल रही है जो उच्च पद प्राप्ति का संकेत है। लेकिन साथ ही साढ़ेसाती भी चल रही है इसलिए सरकार बनाने के लिए इन्हें काफी जुगत लगानी पड़ेगी। सरकार अपना कार्यकाल पूरा कर पाएगी इसकी संभावना अभी कम ही दिखती है।
क्या मोदी दे पाएंगे स्थायी सरकार?
पं. ऋषि द्विवेदी कहते हैं कि
10 जुलाई, 2014 को राहु तुला से कन्या राशि में
प्रवेश करेगा और शनि पांच नवंबर, 2014 को तुला से वृश्चिक राशि में प्रवेश
कर जाएगा। राहु और शनि की चाल में यह परिवर्तन भारतीय राजनीति को प्रभावित
करेगा और सरकार की अस्थिरता बढ़ाएगा।
ग्रहदशा के आधार पर भाजपा सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरेगी। बहुत संभव
है कि एनडीए सरकार बनाने की स्थिति में भी हो लेकिन जो भी सरकार बनेगी,
उसकी राह में रोड़े आएंगे और स्थायित्व नहीं होगा।