आंध्र प्रदेश की राजधानी हैदराबाद के पुराने शहर में चारमीनार के निकट एक समुदाय विशेष के लोगों ने पथराव किया और कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया। पुलिस ने भीड़ को खदेड़ने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। इसके बाद इलाके में तनाव फैल गया।
सरकार के दावे के अनुसार शाम तक हालात पर काबू पा लिया गया था। सूत्रों के अनुसार शुक्रवार को नमाज के बाद सैकड़ों की संख्या में लोग चारमीनार पहुंचे। कुछ लोग चारमीनार के भीतर नमाज पढ़ना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने इसकी इजाजत नहीं दी। इसके बाद भीड़ ने पथराव शुरू कर दिया।
हिंसा पर उतारू लोगों ने दो कारों और तीन बाइकों को आग के हवाले कर दिया। पथराव की वजह से अन्य कई वाहनों के सीसे टूट गए। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने पहले हल्का बल प्रयोग किया, लेकिन तनाव और बढ़ता गया। इसके बाद पुलिस ने पथराव कर रहे लोगों पर आंसू गैस के गोले छोड़े।
पथराव कर रहे कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है। हिंसा में कुछ पुलिस वालों के घायल होने की सूचना है। तनाव ग्रस्त इलाके में निषेधाज्ञा का आदेश दे दिया गया है। तनाव की वजह से इलाके में दुकानें और व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद हैं। सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
हैदराबाद के पुराने शहर में स्थिति नियंत्रण में है। सीसीटीवी फुटेज की मदद से हिंसा में शामिल लोगों की पहचान कर ली गई है। इनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
-सबिता इंद्रा रेड्डी, गृह मंत्री (आंध्र प्रदेश)
एक पखवाड़े से है तनाव
हैदराबाद के पुराने शहर में पिछले एक पखवाड़े से तनाव की स्थिति है। दरअसल, राज्य सरकार ने हाईकोर्ट के आदेश पर चारमीनार के पास स्थिति भाग्यलक्ष्मी मंदिर के ऊपर स्थिति एक शेड को तिरपाल से ढंकने की इजाजत दी थी। इसका एक समुदाय विशेष के लोगों ने विरोध किया।
विरोध प्रदर्शन के लिए मंदिर की ओर जा रहे ऐहतियातन मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलीमीन (एमआईएम) के विधायकों को पुलिस ने ऐहतियातन हिरासत में ले लिया था। इसके बाद पुराने शहर के कई इलाके में हिंसा फैल गई थी। हिरासत में लिए गए नेताओं को बाद में छोड़ दिया गया था। इस मामले में पुलिस ने अब तक 18 मामले दर्ज किए हैं।