पावर कारपोरेशन के अधिशासी अभियंता आरपी सिंह के मंगलपांडे नगर स्थित आवास पर विजिलेंस लखनऊ और मेरठ की टीम ने मंगलवार को संयुक्त रूप से छापेमारी की। विजिलेंस अफसरों के अनुसार आरपी सिंह के खिलाफ स्पेशल जज एंटी करप्शन की कोर्ट में आय से अधिक संपत्ति का मामला चल रहा है।
कोर्ट के आदेश पर हुई इस कार्रवाई के दौरान आवास को सर्च करते हुए नकदी, जेवरात और सामान की सूची बनाई गई। विजिलेंस अफसरों के अनुसार टीम को यहां से करीब 45 तोला सोना और एक किलो चांदी मिली। हालांकि चर्चा यह भी रही कि आवास से करीब 20 किलो सोना और काफी मात्रा में नकदी के अलावा संपत्ति का ब्योरा टीम ने लिया।
उधर, अधिशासी अभियंता ने इस कार्रवाई को आरक्षण आंदोलन दबाने की रणनीति बताया है। लखनऊ शक्ति भवन में तैनात अधिशासी अभियंता एवं आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति अध्यक्ष आरपी सिंह इससे पहले अधीक्षण अभियंता रह चुके हैं।
हाल ही में प्रमोशन में आरक्षण के मामले में हाईकोर्ट के फैसले के बाद उन्हें पदनावत कर अधिशासी अभियंता पद पर आगरा तैनात कर दिया गया था। लेकिन अभी तक उन्होंने ज्वाइन नहीं किया है। स्पेशल कोर्ट एंटी करप्शन ने आरपी सिंह के आय से अधिक संपत्ति के मामले की तह तक जाने के लिए उनकी संपत्ति की जांच के आदेश दिए थे।
एक सुनार को वजन तौलने की मशीन के साथ बुलाया गया
कोर्ट के आदेश पर एसपी सतर्कता एवं अधिष्ठान लखनऊ केएम मिश्रा ने छापेमारी के लिए एसएसपी डीसी दूबे से संपर्क कर फोर्स मांगी थी। स्थानीय विजिलेंस इंस्पेक्टर अनिल शर्मा, लखनऊ से आई 10 सदस्यीय टीम और पुलिस बल मंगलवार सुबह अधिशासी अभियंता के मंगलपांडे नगर स्थित आवास पर सर्च करने पहुंचा।
इस दौरान आवास के बाहर फोर्स लगाकर किसी के भी आवास में प्रवेश करने पर रोक लगा दी गई। विजिलेंस टीम ने आवास के हर कमरे और लॉकर की तलाशी की। सोने और चांदी के जेवरात की जांच के लिए मंगलपांडे नगर स्थित एक सुनार को वजन तौलने की मशीन के साथ बुलाया गया।
विजिलेंस अफसरों के अनुसार आरपी सिंह के घर से करीब 45 तोला सोना और एक किलो चांदी के जेवरात मिले। हर जेवरात की मापतौल कराकर विजिलेंस टीम ने सूची बनाई। साथ ही घर में मौजूद सभी प्रकार के सामान की भी सूची बनाई गई।
मौजूद संपत्ति का आंकलन उनके वेतन से किया जाएगा
करीब तीन घंटे तक चले सर्च अभियान के बाद विजिलेंस इंस्पेक्टर अनिल शर्मा ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर आरपी सिंह के मेरठ, मुजफ्फरनगर और लखनऊ स्थित आवास पर एक साथ सर्च की कार्रवाई की गई है।
आरपी सिंह के घर में मौजूद नकदी, जेवरात और अन्य सामान की सूची तैयार की गई है। मौजूद संपत्ति का आंकलन उनके वेतन से किया जाएगा। तीनों स्थान पर हुए सर्च की रिपोर्ट कोर्ट को सौंपी जाएगी।
उधर, विजिलेंस टीम की कार्रवाई को अधिशासी अभियंता आरपी सिंह ने साजिश करार दिया है। कहा कि आरक्षण आंदोलन को दबाने के लिए सरकार उन्हें बेवजह आय से अधिक संपत्ति के मामले में फंसा रही है। आगामी 10 अक्तूबर को आरक्षण को लेकर उनका आंदोलन होना है। इसे लेकर सरकार उन पर और उनके समर्थकों पर इस तरह से दबाव बनाना चाहती है।