केंद्र सरकार के नए निर्देशों के अनुसार यौन उत्पीड़न मामले में शिकायतकर्ता को तीन महीने के सवैतनिक अवकाश की अनुमति देनी होगी।
केंद्र सरकार ने इस प्रकार के मामले में महिला या आरोपित सरकारी कर्मचारी को जांच के दौरान अन्य विभाग में तबादला किया जा सकता है।
सरकार ने अनुशासनिक प्राधिकारी को यह निर्देश दिए हैं कि यौन उत्पीड़न की शिकायतों की जांच को हल्के में या मनमाने ढंग से न लें।