दिल्ली में गैंगरेप का शिकार बनी छात्रा की मौत से उसका पूरा परिवार सदमे में है। छात्रा के माता-पिता को अभी तक यकीन नहीं हो रहा है कि उनकी बेटी अब उनके बीच नहीं रही है। छात्रा के पिता की अब सिर्फ एक ही मांग है कि उनकी बेटी के दोषियों को फांसी की सजा मिले।
एक अंग्रेजी अखबार में छपी खबर के मुताबिक छात्रा के भाई ने कहा है कि जब तक उसकी बहन के आरोपियों को फांसी पर नहीं लटकाया जाएगा, तब तक उसकी बहन की आत्मा को शांति नहीं मिलेगी। उन्होंने कहा कि लड़ाई तो अभी शुरू हुई है। छात्रा के पिता ने कहा कि उनकी पत्नी ने इस घटना के बाद से बामुश्किल ही खाना खाया है। इस हादसे ने उन्हें पूरी तरह से हिलाकर रख दिया है।
मां की तबियत बिगड़ी
जो
मां 13 दिन तक अपनी बेटी को मौत से लड़ने की हिम्मत देती रही, वो अपनी
लाडली के जाने के बाद बेहद टूट गई है। बेटी के अंतिम संस्कार के बाद मां अचानक बेहोश होकर गिर पड़ीं। डॉक्टरों ने बताया कि मां
को बेटी के जाने का सदमा लगा है। पिछले दो सप्ताह तक वह वेंटिलेटर पर पड़ी
बेटी के साथ थीं, इतने दिनों तक ठीक से खाना नहीं खाने की वजह से उन्हें
कमजोरी भी है।
दादा नहीं देख पाए पोती का चेहरा
गैंगरेप की शिकार छात्रा के दादा
अपनी पोती को आखिरी बार देख भी नहीं पाए। रविवार की सुबह दिल्ली में अंतिम
संस्कार हो जाने की खबर मिलने पर गांव में शोक की लहर दौड़ गई। पूरा गांव
सुबक पड़ा। घर में चाची और दादा का रो-रोकर बुरा हाल था। गांव के बहुत से
लोग चाहकर भी अंतिम संस्कार में शरीक नहीं हो सके।