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मुस्लिम से हिंदू बने बच्चों को VHP का सहारा

Wed, 07 Jan 2015 12:34 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बड़ौत
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विश्व हिंदू परिषद ने अब्दुल्ला से फिर शीशपाल बने युवक के दो बड़े बेटों को गोद लेते हुए उनके पालन-पोषण की जिम्मेदारी ली है। जबकि अन्य परिजनों को रोजगार दिलाने के प्रयास किए जा रहे है।
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पांच साल पहले धर्मांतरण कर परिवार समेत हिंदू से मुसलमान बने यूपी में गढ़ी कांगरान के मोहम्मद अब्दुल्ला को विहिप कार्यकर्ताओं ने सोमवार को शुद्धिकरण कर हिंदू धर्म में वापस कर लिया था। विहिप ने शीशपाल शर्मा के दो बड़े बेटों मुकुल व शिवम को गोद लेकर उनके पालन-पोषण की पूरी जिम्मेदारी ली है और उन्हे विहिप कार्यालय मेरठ भेजा गया है। इसके अलावा शीशपाल शर्मा, उसकी पत्नी सरिता देवी, बेटी तनु, पूजा अभी भी विहिप कार्यकर्ताओं के यहां शरण लिए हुए है।

विहिप के जिलाध्यक्ष सहदेव सिंह ने बताया कि शीशपाल शर्मा के परिवार को रोजगार दिलाने के प्रयास किए जा रहे है। रोजगार मिलने तक उनकी देख-रेख विहिप कार्यकर्ता करेंगे। जबकि उसके दो बडे़ बेटों मुकुल व शिवम को विहिप कार्यालय मेरठ भेजा गया है। उन्होने यह भी बताया कि रोजगार मिलने के बाद उन्हे अस्थाई रूप से मकान दिलाया जाएगा, लेकिन विहिप फिर भी उन पर निगाह रखेगी।
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दो पादरियों सहित पांच का शांतिभंग में चालान

यूपी के मारहरा में दो युवकों को लालच देकर धर्म परिवर्तन कराने के हल्ले पर सोमवार को हुए हंगामे के बाद पुलिस ने दो पादरियों समेत पांच लोगों के खिलाफ शांति भंग की कार्रवाई की है। उधर, हिंदूवादियों में इसे लेकर प्रतिक्रियाएं हैं। विश्व हिंदू परिषद ने इसे जबरन धर्मांतरण बताते हुए पूरे मामले की जांच की मांग की है।

धर्मांतरण के हल्ले से कस्बे का ही नहीं जनपद का माहौल भी गरमा गया था। सूचना पर पहुंचे विश्व हिंदू परिषद और अन्य हिंदू संगठन के लोगों ने ईसाई धर्म गुरुओं को धार्मिक साहित्य के साथ पकड़कर पुलिस को सौंप दिया था। इतना ही नहीं युवक राहुल ने थाना पुलिस को दी तहरीर में एक लाख रुपये के लालच में जबरन धर्म परिवर्तन कराने की बात स्वीकारी है। वहीं, दूसरे युवक विशाल की मां ने भी थाना पुलिस के सामने लालच की बात स्वीकारते हुए धर्म परिवर्तन करने की बात कही।

उधर, थाना पुलिस ने पैसे के लेनदेन का मामला मानते हुए दोनों पादरियों सहित कस्बे के राहुल, विशाल और राजू को शांति भंग में चालान किया है। हिंदूवादी नेता विशेष यादव ने थाना पुलिस के प्रति आक्रोश जताते हुए एसएसपी से घटना की जांच कराने की मांग की है।
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धर्मांतरण प्रकरण: अल्पसंख्यक आयोग करेगा सिफारिश

आगरा में वेदनगर धर्मांतरण प्रकरण की जांच के लिए आई प्रदेश अल्पसंख्यक आयोग टीम की सिफारिशें मानी गईं तो कबाड़ बस्ती के निवासियों की रिहाइश और बच्चों की पढ़ाई का स्थायी प्रबंध सरकार करेगी। इस प्रकरण में आयोग ने खुफिया तंत्र को नाकाम पाया। आयोग ने अपनी रिपोर्ट पर कार्रवाई के लिए कानूनी सलाह भी मांगी है। इसी के साथ रिपोर्ट दस जनवरी तक सरकार को सौंप दिए जाने की संभावना है।

बता दें, गत आठ दिसंबर को वेदनगर कबाड़ बस्ती के करीब 37 परिवारों का कथित रूप से धर्मांतरण कराया गया। दूसरे दिन इस पर बवाल खड़ा हो गया। बस्ती के गरीब लोगों ने लालच और जबर्दस्ती होने का आरोप लगाते हुए धर्मांतरण से इनकार कर दिया। इस मामले पर कई दिन तक संसद ठप रही। प्रदेश अल्पसंख्यक आयोग ने भी चार सदस्यीय टीम जांच को भेजा। टीम ने बस्तीवालों के अलावा मुस्लिम संस्थाओं और प्रशासनिक अधिकारियों से भी बात की।

सूत्रों के अनुसार समिति ने रिपोर्ट में खुफिया तंत्र, परिवारों की रिहाइश और बच्चों की तालीम के बिंदुओं पर विशेष रूप से फोकस किया है। रिपोर्ट में आयोग ने कहा है कि किराए पर रह रहे गरीब बस्तीवालों को रिहायश के लिए जमीन मुहैया कराना पहली जरूरत है। ये वर्षों से यहां-वहां भटक रहे हैं। इन परिवारों में दर्जनों बच्चे और युवक भी हैं, जिनके लिए तालीम की स्थायी व्यवस्था भी जरूरी है। तालीम दीनी और दुनियावी दोनों ही हो।

सूत्रों के मुताबिक आयोग का मानना है अगर खुफिया एजेंसियां सतर्क होतीं, तो यह प्रकरण नहीं होता। मीडिया को पता था, लेकिन खुफिया विभाग को नहीं। यही नहीं जब कथित धर्मांतरण अंजाम दिया जा रहा था, तब भी एजेंसियां शासन-प्रशासन को सूचना न दे सकीं। इसी प्रकरण के बाद से प्रदेश में जगह-जगह धर्मांतरण कराने की धमकी और घर वापसी की अफवाह फैलाकर कानून-व्यवस्था से खेलने की कोशिश हुई।

प्रदेश अल्पसंख्यक आयोग प्रवक्ता शफी आजमी ने बताया कि रिपोर्ट तैयार है। इस पर कानूनी सलाह ली जा रही है। जल्द ही शासन को सौंपी जाएगी। रिपोर्ट में क्या है, इसे सार्वजनिक नहीं किया जा सकता।
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