मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में स्थित अटल बिहारी वाजपेयी हिंदी विश्वविद्यालय में जल्द ही एक ऐसा प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया जा रहा है जिसमें गर्भ संस्कार से जुड़ी शिक्षा दी जाएगी। विश्वविद्यालय का दावा है कि दंपति अपने संतान में जैसे संस्कार चाहते हैं, गर्भवती महिलाओं को वैसी ही शिक्षा दी जाएगी।
विश्वविद्यालय का कहना है कि यदि कोई महिला अपनी संतान को डॉक्टर, इंजीनियर या वैज्ञानिक बनाना चाहती है तो उसे वैसे ही गर्भ संस्कार दिए जाएंगे। उनका दावा है कि गर्भ संस्कार की शिक्षा की जरिए यह सब संभव है।
इस पाठ्यक्रम की शुरूआत 2 अक्टूबर से की जा रही है। इसके लिए तपोवन केंद्र खोले जाने हैं।
गुजरात से मिली सहायता
अटल बिहारी वाजपेयी हिंदी विश्वविद्यालय में यह पाठ्यक्रम गुजरात के बाल विश्वविद्यालय के सहयोग से शुरू किया जा रहा है।
इस पाठ्यक्रम के लिए किसी तरह की पूर्व शिक्षा की जरूरत नहीं है। और इस कार्यक्रम में कोई भी गर्भवती महिला हिस्सा ले सकती है।
हिंदी विश्वविद्यालय के कुलपति ने हाल ही में इस पाठ्यक्रम की घोषणा की है। जानकारी के अनुसार यह पाठ्यक्रम 9 महीने का होगा। इस दौरान महिलाओं को रोज 3 घंटे तपोवन में आना होगा। एक केंद्र में 15 से 25 महिलाओं को शिक्षा देने की योजना तैयार की गई है।
महिलाओं के लिए क्या तैयारियां
विश्वविद्यालय की योजना के अनुसार महिलाओं के लिए जो तपोवन तैयार किया जाएगा वह प्रदूषण मुक्त होगा।
यहां महिलाओं के खान-पान के अलावा जीवन शैली से जुड़ी कई सुविधाएं मिलेंगी। केंद्रों में डॉक्टर, योग गुरू, काउंसलर सहित कई जानकार होंगे जो महिलाओं को शिक्षा देने में सहयोग करेंगे।
पाठ्यक्रम के अनुसार महिलाओं को रहन-सहन, खान-पान, बोल-चाल की जानकारी जी जाएगी। उन्हें रोजाना योग कराया जाएगा। बालगीत, अभिनय, गीत, देशभक्ति गीत, भजन, कहानियां, चित्रकला, अच्छी पुस्तकों का पाठन, वार्तालाप सहित अन्य शिक्षा भी दी जाएगी।