गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने बिटिया के दरिंदों को फांसी की सजा दिए जाने को न्याय की जीत बताया है। कोर्ट द्वारा सजा सुनाए जाने के बाद शिंदे ने अपनी पहली प्रतिक्रिया में कहा कि कोर्ट के फैसले से बिटिया को न्याय मिला है।
उन्होंने कहा कि फैसले से ये संदेश भी गया है कि ऐसा अपराध करने वालों को कानून बख्शेगा नहीं।
शिंदे ने बताया कि 16 दिसंबर की घटना के बाद उन्होंने दुष्कर्म के मामलों को रोकने के लिए और इससे जुड़े कानून को कड़ा करने के लिए वर्मा कमेटी का गठन किया।
उन्होंने बताया कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए दिल्ली में अतिरिक्त पीसीआर वैन के इंतजाम किए गए और पुलिस को बेहतर बनाने के लिए जो कुछ भी किया जा सकता है, वह किया गया।
16 दिसंबर को चलती बस में पैरामेडिकल छात्रा से गैंगरेप के मामले में साकेत की फास्ट ट्रैक ने सभी चारों दोषियों को फांसी की सजा सुनाई है।
मुकेश, पवन, विनय और अक्षय को कोर्ट ने बुधवार को मामले मे दोषी ठहराया है। इस मामले मे एक अन्य आरोपी राम सिंह ने तिहाड़ जेल में सदिग्ध हालात में आत्म हत्या कर ली थी। एक अन्य नाबालिग आरोपी को जुवेनाईल कोर्ट ने तीन साल की सजा सुनाई है।