देश को हिला देने वाले दिल्ली गैंगरेप के सभी आरोपियों को साकेत फास्ट ट्रैक कोर्ट ने दोषी करार दिया है। इस मामले के मुख्य आरोपी राम सिंह ने 11 मार्च को खुदकुशी कर ली थी, जबकि नाबालिग आरोपी को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने हाल ही में तीन साल की सजा सुनाई है।
पिछले साल 16 दिसंबर को चलती बस में पैरामेडिकल छात्रा से गैंगरेप के आरोप में पुलिस ने 6 लोगों को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने चार्जशीट में राम सिंह को मामले का मुख्य आरोपी माना था। हालांकि उसने 11 मार्च को तिहाड़ जेल फांसी लगा ली।
राम सिंह की आत्महत्या पर बिटिया के मां ने कहा था कि ये कुदरत का इंसाफ है। राम सिंह की आत्महत्या को संदिग्ध मानते हुए उसके परिजनों ने सीबीआई जांच की मांग की थी। हांलाकि, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में ये बताया गया कि राम सिंह की मौत फांसी के फंदे से ही हुई है।
प्लास्टिक की रस्सी और दरी का बनाया फंदा
राम सिंह ने जेल में डिब्बों को पैक करने में इस्तेमाल होने वाली प्लास्टिक की रस्सी और दरी के धागों से फंदा तैयार किया था। बैरक के बरामदे में आठ फीट की ऊंचाई पर लगी रॉड में रस्सी बांध कर उसने फंदा तैयार किया था।
वहां तक पहुंचने के लिए उसने प्लास्टिक की बाल्टी का इस्तेमाल किया था। राम सिंह उस बस का ड्राइवर था, जिसमें 16 दिसंबर को युवती के साथ दरिंदगी की गई थी।