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मोदी-शाह से नहीं मिली वसुंधरा, चैनलों पर भड़कीं

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ललित मोदी के साथ रिश्तों के खुलासे के बाद मुश्किलों में घिरी राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधराराजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से मिले बिना ही जयपुर वापस लौट गई हैं। वे नीति आयोग की बैठक में शामिल होने के लिए शनिवार को दिल्ली आई हुई थीं।
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संभावना थी कि पूर्व आईपीएल कमिश्नर ललित मोदी की मदद करने के मामले में वे भाजपा आलाकमान को सफाई दे सकती हैं। हालांकि उन्होंने आलाकमान के किसी नेता से मुलाकात नहीं की। टीवी चैनलों का दावा है कि प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने उन्हें मुलाकात का वक्त ही नहीं दिया और वसुंधरा को नीति आयोग की बैठक के बाद ही वापस लौटना पड़ा।

वहीं, वसुंधराराजे की ओर से जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि उनका दिल्ली में किसी भी नेता से मुलाकात का कोई पूर्व निर्धारित कार्यक्रम ही नहीं था।

वसुंधरा के कार्यालय ने कहा, चैनल चला रहे झूठी खबरें

मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी विज्ञप्ति की मुताबिक, जिन खबरों में ये कहा जा रहा है कि भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से वसुंधरा राजे को समय नहीं मिला या उन्हें वरिष्ठ नेताओं से कोई आश्वासन नहीं मिला, झूठी हैं। मुख्यमंत्री की दिल्ली में केवल नीति आयोग की बैठक थी, जिसमें वे हिस्सा लेकर जयपुर लौट आईं।

विज्ञप्ति में कहा गया है कि कुछ चैनल्स बिना पुष्टि किए असत्य खबरें चला रहे हैं, जिनमें कतई सच्चाई नहीं है। टीवी चैनलों का दावा है कि ललित मोदी मामले में क्‍लीन‌ चिट मिलने के बाद वसुंधराराजे दिल्ली में थी और भाजपा आलाकमान से उनका मिलना तय था।

हालांकि सूत्रों के मुताबिक, वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें सलाह दी कि वे नीति आयोग की बैठक के बाद ही वापस लौट जाए। अगर वह प्रधानमंत्री मोदी या भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से मिलती हैं तो ये संदेश जाएगा कि वे अपने मामले में 'लॉबियिंग' कर रही हैं।

वसुंधराराजे ने आलाकमान को भेजे कुछ दस्तावेज

टीवी चैनलों ने सूत्रों के हवाले से यह भी दावा किया है कि भाजपा ने उन्हें प्रधानमंत्री मोदी समेत वरिष्ठ नेताओं से मिलने का वक्त ही नहीं दिया। पार्टी प्रधानमंत्री मोदी को मामले में घसीटना नहीं चाहती थी, इसलिए ऐसा फैसला गया।

सूत्रों का कहना है कि वसुंधराराजे ने ललित मोदी मामले में सफाई देते हुए कुछ दस्तावेज आलाकमान को भेजे थे। आलाकमान ने शुक्रवार को उनकी जांच की थी और उनमें कोई भी अनियमितता नहीं पाई थी। वसुंधराराजे के बेटे दुष्यंत सिंह और ल‌लित मोदी के बीच हुए व्यापारिक लेनदेन में भी कोई गड़बड़ी नहीं पाई गई थी।

उल्लेखनीय है कि ललित मोदी के मसले पर भाजपा में हो रहे घमासान के बीच वित्तमंत्री अरुण जेटली ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात की थी। शाह ने भी मोदी से मुलाकात कर ललित मोदी प्रकरण पर बात की थी। माना जा रहा है उन मुलाकातों के बाद भाजपा आलाकमान ने वसुंधरा को क्लीन चिट दे दी।
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मीडिया के सामने न आने पर भी वसुंधरा ने दी सफाई

वसुंधराराजे के कार्यालय की ओर से जारी अन्य विज्ञप्तियों में मुख्यमंत्री के मीडिया के सामने नहीं आने को लेकर तर्क दिया गया है कि समय-समय पर प्रेस नोट जारी कर तथा कांफ्रेंस कर मीडिया के प्रश्नों के सवाल दिए जा रहे हैं और जवाब आगे भी देते रहेंगे। विज्ञप्ति में मीडिया की ओर से मुख्यमंत्री के काफिले का पीछा करने और मुख्यमंत्री की गाड़ी को घेरने के प्रयास करने पर आपत्ति उठाई गई है।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री मीडिया के सामने नहीं आ रही, लेकिन उनके इशारे पर स्वास्थ्य मंत्री राजेन्द्र राठौड़ और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी पत्रकार वार्ता कर रहे हैं।

इधर, राजेन्द्र राठौड़ ने शनिवार को कहा कि हमारे रोम-रोम में मुख्यमंत्री के प्रति आस्था है। हमें अपने नेता की क्षमता पर गर्व है। राजस्थान की राजनीति में वसुंधरा के आगे कोई नहीं है। राजे के आगे न तो कोई और नाम चला है और न ही चलेगा। न किसी का नाम टिका है और न टिकेगा। उन्होंने कहा कि विधायक आज भी राजे के साथ हैं और कल भी रहेंगे।
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