राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने स्थानीयता का संवेदनशील मुद्दा छेड़ दिया। उन्होंने मंगलवार को बारां जिले में स्थित छबड़ा में थर्मल पॉवर प्लांट के उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान हुई सभा में राजस्थान में यूपी-बिहार के लोगों को अधिक और राजस्थानियों को नौकरियां कम मिलने पर आपत्ति जताई।
इससे पूर्व महाराष्ट्र के मनसे के प्रमुख राज ठाकरे ने क्षेत्रीयता के संवेदनशील मुद्दे को छेड़ा था, जिसकी राष्ट्रीय स्तर पर काफी आलोचना हुई थी। अब राजस्थान में चर्चा है कि राजे भी ठाकरे की राह पर चल निकली हैं।
प्लांट में राजे को बताया गया कि यहां करीब 4000 कर्मचारी हैं, जिनमें राजस्थानियों की संख्या कम है। इस मुद्दे पर राजे ने कहा कि यह अच्छी बात नहीं है। उन्होंने कहा कि यूपी, बिहार व मध्य प्रदेश से लोग आएं और नौकरी करें, इसमें आपत्ति नहीं है, लेकिन राजस्थानियों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि प्रदेश की शिक्षा में कोई कमी है, तो बताएं, उन्हें दूर किया जाएगा। छबड़ा वसुंधरा राजे के खासे प्रभाव वाले क्षेत्र हाड़ौती में ही है। झालावड़-बारां लोकसभा क्षेत्र से राजे के पुत्र दुष्यंत सिंह सांसद हैं और छबड़ा राजे के विधानसभा क्षेत्र झालावाड़ से थोड़ी दूरी पर ही है।