उत्तराखंड भाजपा को अगले हफ्ते तक नया अध्यक्ष मिल जाने की पूरी संभावना है। राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के चुनाव की तैयारी में जुटा भाजपा हाईकमान जल्दी ही उत्तराखंड इकाई के नए प्रदेश अध्यक्ष को लेकर अपना फैसला सुना देगा।
प्रदेश विधानसभा में विपक्ष के नेता का पद कुमायूं से ब्राह्मण नेता अजय भट्ट को सौंपने के बाद पार्टी हाईकमान ने अध्यक्ष पद गढ़वाल क्षेत्र के ठाकुर नेता को सौंपने का फैसला लगभग कर लिया है। सूत्रों के अनुसार पूर्व मंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और तीरथ सिंह रावत में से किसी एक को पार्टी की कमान सौंपी जा सकती है। हालांकि धन सिंह रावत और मोहन सिंह गांववासी भी प्रदेश अध्यक्ष पद की दौड़ में शामिल हैं।
खास बात यह है कि हाल तक एक-दूसरे के खिलाफ ताल ठोक रहे पूर्व मुख्यमंत्री बीसी खंडूरी और रमेश पोखरियाल निशंक में प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव को लेकर ‘दोस्ती’ होती दिख रही है। निशंक अब खंडूरी के प्रत्याशी तीरथ सिंह रावत का समर्थन कर रहे हैं। ये दोनों ही नेता अब एक साथ हैं और तीरथ सिंह के लिए लॉबिंग कर रहे हैं। जबकि पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी इस कोशिश में हैं कि पूर्व मंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को पार्टी की कमान सौंपी जाए। उधर, स्थानीय स्तर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ मोहन सिंह गांववासी के पक्ष में है।
इसी तरह भाजपा के प्रदेश प्रभारी महासचिव थावर चंद गहलोत प्रदेश के संगठन मंत्री धन सिंह रावत को अध्यक्ष बनाए जाने के पक्ष में हैं। इस रस्साकसी के चलते प्रदेश संगठन के चुनाव पूरे नहीं हो पा रहे हैं।
प्रदेश की जातीय व भौगोलिक परिस्थितियों के चलते यह तो तय है कि भाजपा को गढ़वाल क्षेत्र से किसी ठाकुर को प्रदेश अध्यक्ष बनाना है, क्योंकि विधानसभा में विपक्ष के नेता का पद पहले ही कुमायूं क्षेत्र से ब्राह्मण अजय भट्ट को सौंपा जा चुका है। भट्ट को कोश्यारी कैंप का माना जाता है। इसलिए माना जा रहा है कि अब अध्यक्ष को लेकर खंडूरी की राय को भाजपा हाईकमान नहीं टालेगा।