अखिलेश सरकार ने राज्य कर्मचारियों को बोनस देने का प्रस्ताव मंजूर कर लिया है। इसके साथ ही प्रदेश के 15 लाख से ज्यादा राज्य कर्मचारियों में से अधिकांश को इस महीने की सैलरी के साथ बोनस मिल जाएगा। उन कर्मचारियों को बोनस नहीं मिलेगा जो 2011-12 में किसी मामले में दंडित हुए हैं। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की सहमति केबाद वित्त विभाग ने इस संबंध में बुधवार को आदेश जारी कर दिया।
बोनस की आधी रकम नगद सैलरी के साथ मिलेगी और बाकी जीपीएफ खाते में जमा होगी। बोनस के तहत हर राज्य कर्मचारी को तीस दिन के बराबर की सैलरी मिलेगी। इस हिसाब से औसतन 3454 रुपये हर कर्मचारी को मिलेंगे। जो कर्मचारी जल्द रिटायर होने वाले हैं, उन्हें बोनस की पूरी राशि नगद ही मिलेगी। बोनस 2011-12 के लिए है। इस दायरे में वे अराजपत्रित कर्मचारी होंगे जिनका ग्रेड पे अधिकतम 4800 रुपये है।
बोनस के दायरे में पूर्णकालिक अरापत्रित राज्य कर्मचारी, राजकीय विभागों के वर्कचार्ज कर्मचारी, सहायताप्राप्त शिक्षण एवं प्राविधिक शिक्षण संस्थाआें, स्थानीय निकायों और जिला पंचायतों के कर्मचारी शामिल हैं। इनके अलावा कै जुअल दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी भी बोनस पाएंगे। प्रदेश सरकार को बोनस राशि पर 506 करोड़ से ज्यादा खर्च करने होंगे।